Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Nuh hospital attack: नूंह में भारी बवाल: CHC में घुसे 45 हथियारबंद बदमाश, डॉक्टरों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, मशीनें तोड़ीं

GGaganpreet Kaur
नूंह में भारी बवाल: CHC में घुसे 45 हथियारबंद बदमाश, डॉक्टरों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, मशीनें तोड़ीं
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

नूंह। हरियाणा के नूंह जिले से कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार की आधी रात को उस समय चीख-पुकार मच गई, जब दो पक्षों का आपसी विवाद अस्पताल के भीतर तक खिंच आया। देखते ही देखते पूरा अस्पताल परिसर जंग का मैदान बन गया। करीब 45 सिरफिरे बदमाशों ने अस्पताल स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प में ड्यूटी पर तैनात चार कर्मचारी लहूलुहान हो गए, जबकि उपद्रवियों ने अस्पताल में रखी सरकारी संपत्ति और जीवन रक्षक उपकरणों को मलबे में तब्दील कर दिया।

इलाज कराने आए थे घायल, पीछे से आ धमका दूसरा गुट

विज्ञापन

मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे फसाद की जड़ एक पुराना विवाद था, जिसमें घायल होने के बाद कुछ लोग मरहम-पट्टी कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। अभी डॉक्टर उनका इलाज शुरू ही कर पाए थे कि उनके पीछे-पीछे दूसरा पक्ष भी लाव-लश्कर के साथ अस्पताल की इमरजेंसी में घुस आया। आमने-सामने होते ही दोनों गुटों में दोबारा मारपीट शुरू हो गई। वार्ड में तैनात सुरक्षाकर्मियों और पैरामेडिकल स्टाफ ने जब बीच-बचाव कर उन्हें शांत करने की कोशिश की, तो हमलावरों का गुस्सा डॉक्टरों और स्टाफ पर ही फूट पड़ा।

गाड़ियों में भरकर आए थे हमलावर, मची भगदड़

चश्मदीदों ने बताया कि हमलावर तीन गाड़ियों में सवार होकर आए थे। उनके हाथों में लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और धारदार हथियार थे। उपद्रवियों ने अस्पताल के कमरों के दरवाजे तोड़ डाले, खिड़कियों के शीशे चकनाचूर कर दिए और मरीजों की जान जांचने वाले मॉनिटर्स समेत कई महंगे चिकित्सा उपकरणों को जमीन पर पटक कर तोड़ दिया। आधी रात को हुए इस तांडव से अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों में दहशत फैल गई। अपनी जान बचाने के लिए लोग बेड छोड़कर इधर-उधर भागने लगे।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, आरोपियों पर कसा शिकंजा

अस्पताल प्रशासन ने जब भांप लिया कि स्थिति हाथ से बाहर जा चुकी है, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। मामला सरकारी महकमे और डॉक्टरों की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण सिटी थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की गाड़ियां देख हमलावर धमकी देते हुए फरार हो गए। थाना प्रभारी ने बताया कि अस्पताल परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्टाफ से मिली लिखित शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।