Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Nuh Expressway Accident: नूंह में मातम: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर टायर बदल रहे दंपति को कार ने रौंदा, मौके पर मौत

AAmandeep Singh
नूंह में मातम: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर टायर बदल रहे दंपति को कार ने रौंदा, मौके पर मौत
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

नूंह। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे एक बार फिर चीखों से गूंज उठा। नूंह के फिरोजपुर झिरका इलाके में रविवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है। कमालपुरा महुवा के रहने वाले दीपेंद्र अपनी पत्नी आशा और परिजनों के साथ दिल्ली की ओर निकले थे, लेकिन सफर के बीच में ही उनकी कार का टायर दगा दे गया। गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा कर दीपेंद्र अभी पंक्चर ठीक ही कर रहे थे कि पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार मौत बनकर आई और उनकी खड़ी गाड़ी के परखच्चे उड़ा दिए।

धमाके जैसी थी टक्कर, संभलने का मौका तक नहीं मिला

विज्ञापन

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का पिछला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। चैनल नंबर 68 के पास हुए इस हादसे में दीपेंद्र और उनकी पत्नी आशा को संभलने तक का मौका नहीं मिला। दूसरी कार की गति इतनी अधिक थी कि टक्कर लगते ही गहरी चोटों के कारण दंपति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कार में मौजूद दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया और पुलिस को क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाना पड़ा।

उजड़ गया आशियाना: चार मासूमों के सिर से उठा साया

इस एक्सीडेंट ने केवल दो जानें नहीं लीं, बल्कि एक पूरे परिवार का भविष्य अंधकार में धकेल दिया है। दीपेंद्र और आशा के चार बच्चे हैं—तीन बेटियां और एक छोटा बेटा। जिन बच्चों को उम्मीद थी कि उनके माता-पिता दिल्ली से वापस लौटेंगे, उन्हें अब उनके शवों का इंतजार करना पड़ रहा है। नूंह के नागरिक अस्पताल की मोर्चरी के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा है और हर किसी की जुबान पर बस यही सवाल है कि उन मासूमों की परवरिश अब कौन करेगा।

क्या सुरक्षित नहीं है दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे?

इस हादसे ने एक्सप्रेसवे पर वाहनों की बेलगाम गति और आपातकालीन स्टॉपेज की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ती गाड़ियां अक्सर सड़क किनारे खड़ी खराब गाड़ियों को समय रहते भांप नहीं पातीं। फिरोजपुर झिरका थाना पुलिस अब टक्कर मारकर भागने वाली कार के चालक की तलाश में जुटी है। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।