Opposition March: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर कहा कि यह शिवजी की बारात की तरह है, जिसमें कोई भी शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक नेता या राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि संविधान और देश के युवाओं के भविष्य को बचाने की है। राहुल ने साफ किया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, विपक्ष पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही। विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च से पहले राहुल गांधी ने करीब 40 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए।
राहुल ने कहा कि दिल्ली को किले में बदल दिया गया है और लोगों को राजधानी पहुंचने से रोकने के लिए बसों और ट्रेनों में बाधाएं डाली जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है और विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बच रही है। कांग्रेस समेत INDIA ब्लॉक की विपक्षी पार्टियों ने ‘चलो दिल्ली मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के तहत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की घोषणा की है। राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर न्याय मिलने में एक महीना, दो महीने या एक साल भी लग जाए, तो भी विपक्ष अपना संघर्ष जारी रखेगा।
राहुल बोले- सरकार जितना ज्ञानेश कुमार को बचाएगी
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जितना उन्हें संरक्षण देगी, विपक्ष उतने ही सवाल उठाएगा। राहुल ने संकेत दिया कि विपक्ष अपनी मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगा और जरूरत पड़ने पर न्याय के लिए आगे के कानूनी रास्ते भी अपनाएगा। राहुल ने कहा कि इस आंदोलन को केवल कुछ दिनों का प्रदर्शन नहीं समझना चाहिए। उनके मुताबिक, विपक्ष को लंबे समय से अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव आयोग जाने की कोशिश की गई, लेकिन नेताओं को रास्ते में रोक दिया गया। इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की बात हुई और फिर राजघाट जाने के दौरान भी बाधाओं का सामना करना पड़ा।
राहुल ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर ले जाया गया और उन्हें विरोध करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने प्रशासन से प्रदर्शन के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग की थी। राहुल के मुताबिक, विपक्ष अब सुप्रीम कोर्ट तक मार्च कर अपनी बात रखने की तैयारी कर रहा है।उन्होंने कहा कि यह आंदोलन संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवालों को उठाने के लिए है। राहुल ने देश के युवाओं से भी इसमें शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई का संबंध युवाओं के भविष्य और सम्मान से है।
राहुल बोले- यह शिव का तांडव, इसमें प्लानिंग की जरूरत नहीं
प्रदर्शन की रणनीति से जुड़े सवाल पर राहुल गांधी ने शिव के तांडव और शिवजी की बारात का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “मुझे मेरी बहन कहती है कि प्लान करना चाहिए। मैंने कहा कि तुम समझती नहीं हो। ये शिव का तांडव है। इसमें प्लानिंग नहीं होती। आज हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। कोई प्लान की जरूरत नहीं है।” राहुल ने विपक्ष के मार्च की तुलना शिवजी की बारात से करते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में भाग लेने के लिए किसी खास व्यवस्था या पहचान की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य लोगों को यह दिखाना है कि वे संविधान और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठा सकते हैं।
उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उस यात्रा में रथ, राजा और उसे चलाने वाला व्यक्ति था, जबकि जनता पीछे चल रही थी। राहुल ने इसके उलट मौजूदा मार्च को ऐसा प्रदर्शन बताया, जिसमें हर व्यक्ति शामिल हो सकता है। राहुल ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई किसी एक व्यक्ति के राजनीतिक भविष्य से जुड़ी नहीं है। उन्होंने इसे संविधान और आम लोगों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया। उनके अनुसार, देश के युवाओं को इस विषय पर अपनी आवाज उठानी चाहिए।
बाराखंभा से मार्च शुरू करने की घोषणा
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का मार्च दोपहर करीब 1:30 बजे बाराखंभा से शुरू होना है। उन्होंने लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की। राहुल ने कहा कि जो लोग मार्च में शामिल नहीं हो सकते, वे दोपहर 3 बजे के आसपास सुप्रीम कोर्ट के सामने अपने तरीके से समर्थन जता सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को संविधान और अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आगे आना चाहिए। राहुल ने लोगों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं और बताएं कि वे उन घटनाओं के खिलाफ हैं, जिन्हें विपक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चुनौती मानता है। राहुल ने कहा कि इस आंदोलन में कांग्रेस या किसी एक नेता का मुद्दा नहीं है। उन्होंने इसे देश की जनता और संविधान से जुड़ी लड़ाई बताया। उनके अनुसार, लोकतंत्र में लोगों की आवाज और उनके अधिकारों की रक्षा जरूरी है।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के प्रदर्शन को केवल पिछले पांच दिनों की घटनाओं से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष को लंबे समय से विरोध प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। राहुल ने कहा कि कभी चुनाव आयोग जाने के दौरान, कभी जंतर-मंतर पर और कभी राजघाट पर प्रदर्शन के समय पुलिस ने उन्हें रोका। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों को धैर्य बनाए रखना होगा। राहुल के मुताबिक, पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिशों के बावजूद विपक्ष अपनी मांग से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने में जितना समय लगेगा, आंदोलन उतने समय तक जारी रहेगा। राहुल ने पुलिसकर्मियों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि कुछ पुलिसकर्मी इस बात को लेकर असहज हैं कि उन्हें युवाओं को रोकने के लिए लगाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान युवाओं और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ। ये आरोप राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए हैं।
राहुल का दावा- सरकार के 200 अधिकारी संपर्क में
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार के करीब 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं और उन्हें जानकारी दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में अधिकारियों के नाम या अन्य विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की। राहुल ने कहा कि विपक्ष सरकार और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है। राहुल के मुताबिक, यदि सरकार उन्हें संरक्षण देती रही, तो विपक्ष अपनी मांग को लेकर आगे बढ़ेगा और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का उद्देश्य लोगों के सामने यह सवाल रखना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर उठाई जा रही आपत्तियों पर उचित कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। राहुल ने न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी नेता सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्य न्यायाधीश से विपक्षी नेताओं की मुलाकात नहीं होने की स्थिति में भी कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपनी बात रखी जाएगी। राहुल के अनुसार, विपक्ष को सलाह दी गई है कि वह अपनी मांगें याचिका के माध्यम से अदालत के सामने रखे। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के अन्य दलों का प्रस्तावित मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उनकी मांगों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को उठाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। विपक्ष ने उनके हटने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। हालांकि, याचिका में किन मुद्दों को शामिल किया जाएगा और सुप्रीम कोर्ट में उस पर क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अदालत में याचिका दाखिल होने और उस पर आगे की कार्रवाई के बाद ही कानूनी प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट होगी। राहुल गांधी-खड़गे को CJI सूर्यकांत ने मिलने का समय नहीं दिया, विपक्ष आज निकालेगा मार्च

