Panchkula ATM Fraud: हरियाणा के पंचकूला में ATM कार्ड बदलकर लोगों से ठगी करने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सेक्टर-20 साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम ने 14 अक्टूबर की शाम सेक्टर-20 मार्केट से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से अलग-अलग बैंकों के 70 ATM कार्ड और PhonePe की एक POS मशीन बरामद की है। शुरुआती जांच के मुताबिक, दोनों आरोपी वारदात करने के इरादे से दो-तीन दिन पहले ही पंचकूला पहुंचे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार, पुत्र करण सिंह, निवासी गांव लोधी राघव, जिला हिसार और अनिल, पुत्र धर्मबीर, निवासी गांव रोहनात, जिला भिवानी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों दिल्ली-NCR को अपना ठिकाना बनाकर दिल्ली और हरियाणा के अलग-अलग शहरों में लोगों को निशाना बनाते थे।
साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 के PSI अभिषेक छिल्लर ने बताया कि 14 अक्टूबर की शाम पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवक सेक्टर-20 मार्केट में ATM मशीनों के आसपास घूम रहे हैं। उनके पास कई बैंक कार्ड होने और एक साइड बैग में POS मशीन रखे होने की जानकारी भी मिली थी। सूचना के बाद पुलिस टीम तुरंत ‘चाय चूरी’ शॉप के पास पहुंची। टीम में ASI सतीश कुमार, सिपाही मोहित और होमगार्ड कमलप्रीत शामिल थे। पुलिस ने गाड़ियों की आड़ लेकर घेराबंदी की और मुखबिर के इशारे पर पार्किंग की तरफ बढ़ रहे दोनों युवकों को मौके पर पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से मिले 70 ATM कार्ड और POS मशीन की जांच की जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में अलग-अलग बैंकों के कार्ड मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किन-किन लोगों और बैंक खातों को निशाना बना चुके हैं।
मदद के बहाने देखते थे ATM PIN, फिर बदल देते थे कार्ड
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में ठगी का एक तरीका सामने आया है। आरोपियों पर आरोप है कि वे ATM में ऐसे बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाते थे, जिन्हें पैसे निकालने में परेशानी होती थी। मदद करने के बहाने वे ग्राहक का ATM PIN देख लेते थे और फिर नजर बचाकर उसका असली कार्ड उसी बैंक के किसी दूसरे कार्ड से बदल देते थे। कार्ड बदलने के बाद आरोपी ग्राहक के खाते से पैसे निकालने की कोशिश करते थे। ऐसे मामलों में ग्राहक को कई बार तुरंत पता नहीं चलता कि उसका कार्ड बदल दिया गया है। PIN की जानकारी और कार्ड हासिल कर लेने से ठगों के लिए खाते से पैसे निकालने का खतरा बढ़ जाता है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ठगी का दूसरा तरीका भी अपनाया था। यदि कोई ग्राहक ATM मशीन में अपना कार्ड भूल जाता था, तो आरोपी उस कार्ड को उठाकर अपने पास रख लेते थे। इसके बाद वे कथित तौर पर PhonePe की POS मशीन पर कार्ड को स्वाइप या टैप करके लेनदेन करते थे और रकम आपस में बांट लेते थे। हालांकि, पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद POS मशीन से किन बैंक खातों या भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल हुआ और कितने लेनदेन किए गए। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपियों ने पंचकूला आने से पहले दिल्ली-NCR और हरियाणा के दूसरे शहरों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया।
BNS की धाराओं में केस दर्ज, रिमांड पर लेगी पुलिस
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 पंचकूला में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4), जो धोखाधड़ी से संबंधित है, और धारा 61(2), जो आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित है, के तहत मामला दर्ज किया है। अब पुलिस दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान POS मशीन से जुड़े बैंक खातों, कथित ठगी की रकम, पीड़ितों की संख्या और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
ATM से पैसे निकालते समय अपना PIN छिपाकर दर्ज करें और किसी अनजान व्यक्ति को PIN न बताएं। अगर कोई व्यक्ति मदद के बहाने आपका कार्ड हाथ में लेने की कोशिश करे, तो सावधान रहें और कार्ड वापस लेकर उसकी स्थिति जांचें। लेनदेन पूरा होने के बाद ATM से कार्ड निकालना न भूलें। यदि कार्ड मशीन में छूट जाए, खो जाए या कार्ड बदलने का संदेह हो, तो तुरंत संबंधित बैंक से संपर्क करके कार्ड ब्लॉक कराएं और किसी संदिग्ध लेनदेन की सूचना बैंक तथा पुलिस को दें। पंचकूला में एक्सिस सिक्योरिटीज के नाम पर साइबर फ्रॉड, रिटायर्ड अकाउंट्स प्रोफेशनल से ठगे 16.20 लाख

