Panchkula Crime News: हरियाणा के पंचकूला में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर एक रिटायर्ड अकाउंट्स प्रोफेशनल से 16.20 लाख रुपये ठग लिए। निजी कंपनी से रिटायर परवीन कुमार अरोड़ा को आरोपियों ने एक्सिस सिक्योरिटीज के नाम का इस्तेमाल कर अपने जाल में फंसाया। उन्हें 1200 प्रतिशत तक रिटर्न और ब्लॉक ट्रेड स्टॉक ट्रेडिंग के जरिए कमाई का भरोसा दिया गया। आरोपियों ने वॉट्सऐप ग्रुप में शेयर खरीदने-बेचने की सलाह देने वाले एक कथित प्रोफेसर के जरिए उनका विश्वास जीता और फिर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवा ली।
पीड़ित की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने शुरुआत में 1,14,500 रुपये वापस भेजकर भरोसा कायम किया। इसके बाद एक फर्जी वेबसाइट पर उनकी कुल पूंजी 30 लाख रुपये दिखाने लगे। जब पीड़ित को लगा कि निवेश से अच्छा मुनाफा हो रहा है, तो आरोपियों ने उन्हें एक कथित IPO में निवेश के नाम पर और बड़ी रकम देने के लिए दबाव बनाया। अतिरिक्त भुगतान से इनकार करने पर उन्हें जमा पूंजी जब्त करने और मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल
परवीन कुमार अरोड़ा ने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2026 में उन्होंने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा था। इसके बारे में पूछताछ करने के बाद 21 अप्रैल को उन्हें ‘H07-AXIS Elite Insights’ नाम के वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। इस ग्रुप में एक व्यक्ति खुद को एक्सिस सिक्योरिटीज का एमडी और सीईओ प्रणव हरिदासन बताकर शेयर बाजार से जुड़ी सलाह देता था। शिकायत के मुताबिक, ग्रुप के 97 अन्य सदस्य भी लगातार कथित प्रोफेसर की तारीफ करते थे और मुनाफा होने के स्क्रीनशॉट साझा करते थे। पीड़ित को यह विश्वास दिलाया गया कि ग्रुप में शामिल लोग निवेश से अच्छी कमाई कर रहे हैं और बताए गए तरीके से पैसा लगाने पर उन्हें भी बड़ा फायदा होगा। इस तरह लगातार संदेशों और कथित सफल निवेश के उदाहरणों के जरिए पीड़ित का भरोसा जीतने की कोशिश की गई। आरोपियों ने इसके बाद परवीन से आधार कार्ड समेत निजी दस्तावेज लिए। शिकायत के अनुसार, अनन्या मेहरा नाम की महिला के वॉट्सऐप नंबर से उन्हें एक कथित ‘एक्सेप्टेंस लेटर’ भेजा गया। इससे निवेश की प्रक्रिया को आधिकारिक दिखाने की कोशिश की गई, जबकि बाद में पूरा मामला संदिग्ध निकला।
प्ले स्टोर के बाहर से डाउनलोड कराया ऐप
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने इसके बाद ‘H03- AXIS Customer Support Desk’ नाम से एक और वॉट्सऐप ग्रुप बनाया। पीड़ित को प्ले स्टोर के बाहर से एक संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने और एक वेबसाइट के लिंक का इस्तेमाल करने को कहा गया। इसी के जरिए उनके नाम पर कथित तौर पर फर्जी DMA अकाउंट तैयार किया गया। 14 मई से 19 जून 2026 के बीच परवीन कुमार से अलग-अलग किस्तों में कुल 16,20,000 रुपये जमा करवाए गए। शिकायत में राहुल एंटरप्राइजेज, जुनैद एंटरप्राइजेज, ग्लोब एंटरप्राइजेज, सन शाइन चैरिटेबल ट्रस्ट और वीआरपी एंटरप्राइजेज के खातों का उल्लेख है। आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी सेबी प्रमाणपत्र दिखाकर निवेश की प्रक्रिया को वैध साबित करने की कोशिश की। ठगी के इस तरीके में फर्जी ऐप और वेबसाइट के जरिए निवेश की रकम तथा मुनाफे को वास्तविक दिखाया गया। पीड़ित को लगता रहा कि उसका पैसा शेयर बाजार में लगाया जा रहा है, जबकि बाद में बीएसई और एनएसई के आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच करने पर उसे पता चला कि उसके नाम पर वास्तविक शेयर या IPO खरीदे ही नहीं गए थे।
1.14 लाख रुपये लौटाकर जीता भरोसा
परवीन कुमार का विश्वास बनाए रखने के लिए आरोपियों ने शुरुआत में उनके बैंक खाते में 1,14,500 रुपये वापस भेजे। इसके बाद फर्जी वेबसाइट पर उनकी कुल पूंजी 30 लाख रुपये दिखाई जाने लगी। इस तरह स्क्रीन पर बढ़ती रकम और शुरुआती रिफंड के जरिए उन्हें यह भरोसा दिलाया गया कि उनका निवेश मुनाफा दे रहा है। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें ‘क्ले क्राफ्ट’ नाम के कथित IPO में आवेदन करने के लिए कहा। शिकायत के मुताबिक, पीड़ित को बिना मांगे ही 61,200 शेयर अलॉट होने का दावा किया गया और इसके लिए 76.20 लाख रुपये की मांग की गई। इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए दबाव बनाए जाने पर पीड़ित को शक हुआ।
जब परवीन ने अतिरिक्त पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उनकी जमा पूंजी जब्त करने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें वॉट्सऐप के सभी संबंधित ग्रुपों से हटा दिया गया और उनके नंबर ब्लॉक कर दिए गए। पीड़ित ने बाद में बीएसई और एनएसई के आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच की। वहां उनके नाम पर कोई वास्तविक शेयर या IPO खरीद दर्ज नहीं मिली। इसके बाद उन्हें कथित निवेश योजना में धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग किस तरह नामी वित्तीय कंपनियों की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को निवेश के नाम पर फंसा सकते हैं। वॉट्सऐप ग्रुप में मुनाफे के स्क्रीनशॉट, कथित विशेषज्ञों की सलाह, फर्जी प्रमाणपत्र और शुरुआत में छोटी रकम लौटाना भरोसा जीतने के तरीके हो सकते हैं। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी और ब्रोकर की जानकारी आधिकारिक स्रोतों से जांचें। किसी अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड करने, निजी दस्तावेज साझा करने या किसी व्यक्ति के कहने पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम भेजने से बचें। असामान्य रूप से ऊंचे रिटर्न का दावा भी सावधानी बरतने का संकेत है। पंचकूला के इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान, रकम के लेन-देन और कथित फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच आगे की कार्रवाई में अहम होंगे।
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