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Panipat Fire Accident: पानीपत में हाईटेंशन तार से टकराया इंपोर्टेड कपड़े का ट्रक, टायर फटने के धमाकों से दहला नूरवाला

AAmandeep Singh
Panipat Fire Accident: पानीपत में हाईटेंशन तार से टकराया इंपोर्टेड कपड़े का ट्रक, टायर फटने के धमाकों से दहला नूरवाला
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पानीपत। अपनी कपड़ा इंडस्ट्री के लिए दुनिया भर में मशहूर पानीपत शहर बुधवार को एक बड़े हादसे का गवाह बना। नूरवाला कुटानी रोड स्थित गैस गोदाम के पास उस समय चीख-पुकार मच गई, जब विदेशों से विशेष रूप से इंपोर्ट होकर आया वेस्ट कपड़े से ठसाठस भरा एक विशालकाय ट्रक हादसे का शिकार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक अत्यधिक ओवरलोड था और उसकी ऊंचाई तय मानकों से कहीं ज्यादा थी। जैसे ही चालक ने ट्रक को गैस गोदाम की तरफ जाने वाली तंग गली में मोड़ा, ट्रक का ऊपरी हिस्सा वहां से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज की हाईटेंशन तारों से सीधे टकरा गया।

शॉर्ट सर्किट के बाद भड़की आग, टायर फटने से थर्राया नूरवाला इलाका

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तारों के संपर्क में आते ही एक जोरदार स्पार्क (शॉर्ट सर्किट) हुआ और ट्रक में लदे सूखे वेस्ट कपड़े ने पलक झपकते ही आग पकड़ ली। चूंकि कपड़ा ज्वलनशील था, इसलिए लपटों ने कुछ ही मिनटों में पूरे ट्रक को अपने आगोश में ले लिया। आग की तपन इस कदर भयावह थी कि ट्रक के विशालकाय टायर एक-एक कर भारी धमाके के साथ फटने लगे। इन धमाकों की गूंज से आसपास की घनी आबादी वाले घरों में रहने वाले लोग सहम गए और अपनी जान बचाने के लिए सड़कों की तरफ दौड़ पड़े। कुछ ही देर में पूरा इलाका काले धुएं के गुबार से पट गया।

“डेढ़ घंटे बाद आई दमकल”, भड़के स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन को कोसा

इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। घटना के बाद मौके पर जुटे स्थानीय निवासियों और कपड़ा व्यापारियों में फायर ब्रिगेड के खिलाफ भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का सीधा आरोप है कि आग लगते ही कंट्रोल रूम को फोन घुमा दिया गया था, लेकिन सरकारी अमला करीब डेढ़ घंटे की कछुआ चाल के बाद मौके पर पहुंचा। व्यापारियों का कहना है कि अगर फायर टेंडर समय पर आ जाते, तो लाखों रुपये का इंपोर्टेड कच्चा माल और ट्रक को जलने से काफी हद तक बचाया जा सकता था।

सामान्य पानी से नहीं बुझी आग, बुलाना पड़ा स्पेशल ‘फॉर्म टेंडर’

आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पानीपत और आसपास के स्टेशनों से दमकल की 10 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर तैनात करनी पड़ीं। कपड़े की आग पानी डालने के बाद और धधक रही थी, जिसे देखते हुए दमकल कर्मियों को सामान्य गाड़ियों के अलावा केमिकल और झाग छोड़ने वाली विशेष ‘फॉर्म टेंडर’ गाड़ियों को मोर्चे पर उतारना पड़ा।

खबर लिखे जाने तक दमकल कर्मी मलबे को हटाकर सुलग रही आग को पूरी तरह शांत करने की जद्दोजहद में जुटे हुए थे। इस अग्निकांड में ट्रक मालिक और व्यापारी को लाखों रुपये की चपत लगी है। फिलहाल, स्थानीय पुलिस और बिजली निगम (UHBVN) के अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि रिहायशी और कमर्शियल मिक्स इलाके की इस गली में हाईटेंशन तारें इतनी नीचे क्यों थीं और ट्रक को तय सीमा से अधिक लोड करने की अनुमति किसने दी।

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