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Panipat Police Bribe: पानीपत थाने में 15 हजार की रिश्वत लेते हवलदार रंगे हाथ दबोचा

AAmandeep Singh
Panipat Police Bribe: पानीपत थाने में 15 हजार की रिश्वत लेते हवलदार रंगे हाथ दबोचा
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पानीपत। हरियाणा पुलिस के भ्रष्टाचार मुक्त दावों की हवा निकालते हुए पानीपत में एक खाकीधारी को घूस लेते रंगे हाथ दबोचा गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) करनाल की टीम ने पानीपत के तहसील कैंप थाने में तैनात हवलदार सतीश को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। खाकी की धौंस दिखाकर एक बेकसूर युवक को जेल भेजने की धमकी देने वाले इस हवलदार के पास से विजिलेंस की टीम ने केमिकल लगे हुए नोट बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद से पूरे जिला पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

रेहड़ी पर खड़े युवक को उठाया, सुबह भाई से मांगी 20 हजार की घूस

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इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित युवक के भाई पवन ने हिम्मत दिखाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई। पवन ने एसीबी को दी अपनी शिकायत में बताया कि बुधवार की देर रात उसका भाई एक अंडे की रेहड़ी के पास खड़ा हुआ था। वहीं पास में एक नाबालिग लड़की भी मौजूद थी।

इसी दौरान गश्त करते हुए तहसील कैंप थाने की गाड़ी वहां रुकी और हवलदार सतीश व अन्य स्टाफ उसके भाई और उस लड़की को जबरन थाने ले आए। रात में ही लड़की को तो परिजनों के हवाले कर दिया गया, लेकिन पवन के भाई को पूरी रात थाने के लॉकअप में बंद रखा गया। गुरुवार सुबह जब पवन थाने पहुंचा, तो उसके भाई पर केस दर्ज करने की धमकी देकर 20 हजार रुपये की डिमांड की गई।

15 हजार में तय हुआ सौदा, धमकी दी- पैसे नहीं मिले तो भेजेंगे जेल

थाने के भीतर सरेआम चल रहे इस सौदेबाजी में हवलदार सतीश ने पवन को साफ कह दिया कि अगर भाई की भलाई चाहते हो, तो शाम तक पैसों का इंतजाम कर लो, वरना उसे ऐसी धाराओं में जेल भेजेंगे कि जमानत नहीं होगी। काफी मिन्नतें करने के बाद हवलदार सतीश 15 हजार रुपये लेने पर राजी हो गया। पवन जेल भेजने की धमकी से डर तो गया, लेकिन उसने भ्रष्ट तंत्र के आगे झुकने के बजाय करनाल विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क साधा और मामले की लिखित शिकायत दर्ज करा दी।

इंस्पेक्टर निर्मल सिंह के नेतृत्व में रेड, एएसआई से आधी रात तक पूछताछ

शिकायत मिलते ही करनाल एसीबी के आला अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर निर्मल सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया। योजना के मुताबिक, पवन को पाउडर लगे हुए नोट देकर हवलदार के पास भेजा गया। रात करीब साढ़े 8 बजे जैसे ही पवन ने तहसील कैंप थाने के भीतर हवलदार सतीश को 15 हजार रुपये थमाए, वैसे ही सादे कपड़ों में मुस्तैद एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने जब हवलदार के हाथ धुलवाए तो वे गुलाबी हो गए। इस कार्रवाई के दौरान शक के घेरे में आए एएसआई संजय को भी टीम ने हिरासत में लेकर रात पौने 12 बजे तक कड़ी पूछताछ की, हालांकि बाद में उन्हें जांच में शामिल होने की हिदायत देकर छोड़ दिया गया।

अस्पताल में कराया मेडिकल, विभागीय कार्रवाई की तैयारी

तकरीबन चार घंटे तक थाने के भीतर चली इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद विजिलेंस की टीम आरोपी हवलदार सतीश को लेकर पानीपत के नागरिक अस्पताल पहुंची, जहां उसका आधिकारिक मेडिकल परीक्षण कराया गया। करनाल एसीबी के प्रभारी इंस्पेक्टर निर्मल सिंह ने बताया कि आरोपी हवलदार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। वहीं, एएसआई संजय की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है, और यदि इस वसूली रैकेट में उनकी संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

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