Parvinder Jhota Murder Case: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ सक्रिय रहे परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है। 45 वर्षीय झोटा की हत्या के मामले में पुलिस ने केमिस्ट अश्विनी कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को राजस्थान के सालासर से पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को फेसबुक लाइव के दौरान झोटा को तीन गोलियां मारी गई थीं। हत्या के बाद परिजनों और सिख संगठनों में गुस्सा है। परिवार ने इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला किया है। उनकी मांग है कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए और मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा पंजाब के DGP गौरव यादव इस्तीफा दें।
सिख संगठनों ने घटना के विरोध में मानसा बंद का ऐलान किया है। पंजाब कांग्रेस ने भी 15 अक्टूबर को राज्यभर में बंद के आह्वान को समर्थन देने की घोषणा की है। मानसा में प्रदर्शन के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता पहुंच रहे हैं। खबर के मुताबिक, आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़कर अन्य दलों के प्रतिनिधि परिवार के प्रति संवेदना जताने और प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं। परिवार और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि झोटा नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। हालांकि, हत्या के पीछे नशा तस्करी से जुड़ा कोई संबंध है या नहीं, यह जांच का विषय है। पुलिस ने अभी तक हत्या के पीछे की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की तैयारी, दुकान पर अभी कार्रवाई नहीं
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद बढ़ते विरोध के बीच मानसा प्रशासन आरोपी केमिस्ट अश्विनी कुमार के घर पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। जानकारी के मुताबिक, गुरुद्वारे वाली गली में स्थित आरोपी के घर को गिराने के लिए बुलडोजर मंगाया जा रहा है। प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई के पीछे नशे से कमाई किए जाने का आरोप बताया जा रहा है। फिलहाल, आरोपी की दुकान पर कार्रवाई की तैयारी नहीं होने की बात सामने आई है। हालांकि, घर गिराने की कार्रवाई अभी प्रस्तावित बताई गई है। प्रशासन की ओर से इसे लेकर अंतिम कार्रवाई या कानूनी प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा सामने आना बाकी है।
इस बीच, पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग मानसा पहुंचे और परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात कर दुख साझा किया। उन्होंने कहा कि झोटा ने पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए आवाज उठाई और नशे के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान गंवाई। राजा वड़िंग ने कहा कि नशे पर रोक लगाना सरकारों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि झोटा नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे और इसी कारण उनकी हत्या की गई। उन्होंने इस घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि पंजाब कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी निशाना साधा और कहा कि मानसा उनका गृह जिला है, फिर भी यहां हालात सरकार के नियंत्रण से बाहर नजर आ रहे हैं। राजा वड़िंग ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें घटना को आपसी दुश्मनी से जुड़ा बताया गया। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि हत्या के पीछे नशा तस्करों का हाथ है। यह उनका आरोप है; पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही हत्या की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
अकाली दल वारिस पंजाब दे के नेताओं पर कार्रवाई, हाउस अरेस्ट को लेकर विवाद
झोटा की हत्या के बाद मानसा में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच अकाली दल वारिस पंजाब दे के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई का मामला भी तूल पकड़ रहा है। सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबा रही है। उनका दावा है कि पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ्तार किया गया है या घरों में नजरबंद किया गया है। तरसेम सिंह ने कहा कि यदि कार्यकर्ताओं को मानसा जाने से रोका जाता है, तो वे अपने-अपने क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन करें और नशे के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इससे जनता की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है।
इसी बीच, कोटकपूरा से अकाली दल वारिस पंजाब दे के हलका प्रभारी रसपाल सिंह को बुधवार तड़के उनके घर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ मानसा में चल रहे मोर्चे में शामिल होने जाने वाले थे। पार्टी के युवा नेता चमकौर सिंह धुन्न, लसोई और जवंदा को भी हाउस अरेस्ट किए जाने का दावा किया गया है। पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष बापू तरसेम सिंह ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार पुलिस के जरिए लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या से पैदा हुआ जनाक्रोश इस तरह की कार्रवाई से खत्म नहीं होगा। हालांकि, हिरासत और नजरबंदी से जुड़े सभी मामलों में पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है। इस घटनाक्रम ने हत्या की जांच के साथ-साथ विरोध प्रदर्शन को लेकर भी राजनीतिक विवाद बढ़ा दिया है।
AAP विधायक के मौके पर नहीं पहुंचने पर सवाल, सोशल मीडिया पर जताया दुख
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू समेत कई नेताओं ने मानसा पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना जताई। दूसरी ओर, स्थानीय आम आदमी पार्टी विधायक डॉ. विजय सिंगला और जिला परिषद मानसा के चेयरमैन व AAP नेता चुस्पिंदरबीर चहल के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर सवाल उठे। स्थानीय लोगों ने पूछा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट की हत्या के बाद पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने के लिए AAP के स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर क्यों नहीं पहुंचे। हालांकि, दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घटना पर दुख जताया और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
विधायक डॉ. विजय सिंगला ने अपनी पोस्ट में हत्या को मानसा के लिए दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। उनके मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलाने का प्रयास होगा। उन्होंने परिवार और मानसा के लोगों के साथ खड़े रहने की बात भी कही। AAP नेता चुस्पिंदरबीर चहल ने भी सोशल मीडिया पर दुख जताते हुए परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह और पूर्व CM चन्नी भी पहुंचेंगे मानसा
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में चल रहे धरने में शामिल होने के लिए पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परगट सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मानसा पहुंचने का कार्यक्रम है। दी गई जानकारी के मुताबिक, दोनों नेता सुबह करीब 9 बजे नेहरू कॉलेज के सामने चल रहे धरने में शामिल होंगे। वे प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने के साथ झोटा के परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताएंगे।
इससे पहले मंगलवार रात मानसा तिकोनी चौक पर चल रहे धरने के दौरान SSP वैभव चौधरी भी परिवार से मिलने पहुंचे थे। बताया गया कि उन्होंने परिजनों से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया। परिजनों ने कहा कि उन्हें आश्वासन नहीं, इंसाफ चाहिए। प्रदर्शनकारियों के विरोध के बीच SSP को वहां से लौटना पड़ा। फिलहाल, परिवार CBI जांच और शीर्ष अधिकारियों के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है। प्रशासन आरोपी के घर पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है और पुलिस हत्या के मामले की जांच कर रही है। आने वाले समय में जांच की दिशा, प्रशासनिक कार्रवाई और विरोध प्रदर्शनों को लेकर पंजाब की राजनीति में यह मामला और गरमा सकता है। Mansa में एंटी ड्रग टास्क फोर्स के प्रमुख परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या

