Pathankot के Vaishnavi Public School में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ का भव्य जश्न, गूंजे भारत माता के जयकारे
Pathankot के Vaishnavi Public School में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ का भव्य जश्न, गूंजे भारत माता के जयकारे
Pathankot | Vaishnavi Public School : भारत के स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर पठानकोट के घोह स्थित Vaishnavi Public School में एक गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शनिवार सुबह ठीक 11 बजे विद्यालय के विशाल प्रांगण में आयोजित इस राष्ट्रवंदन समारोह की अध्यक्षता स्कूल के चेयरमैन जयन्त शर्मा एवं प्रधानाचार्या मधु बाला ने संयुक्त रूप से की।
कार्यक्रम की शुरुआत में Vaishnavi Public School के समूचे प्रांगण में देशभक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। प्राथमिक कक्षाओं से लेकर उच्च माध्यमिक कक्षाओं तक के तमाम छात्र-छात्राओं, अध्यापकों और प्रबंधन समिति के सदस्यों ने एक कतार में खड़े होकर पूरी निष्ठा के साथ संपूर्ण ‘वंदे मातरम’ का सस्वर सामूहिक गायन किया। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के गगनभेदी उद्घोष से पूरा वातावरण देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत हो गया।
गणमान्य हस्तियों ने की शिरकत, विद्यार्थियों को दी राष्ट्रसेवा की प्रेरणा
इस पावन अवसर पर क्षेत्र की कई प्रमुख सामाजिक व राजनीतिक हस्तियों ने विशेष रूप से उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अतिथियों में पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी संदीप महाजन, महिला पतंजलि योग समिति की राज्य कार्यकारिणी सदस्य किरण महाजन तथा भाजपा की जिला उपाध्यक्ष नीलम हंस शामिल रहे।
विशिष्ट अतिथियों ने न केवल विद्यार्थियों के साथ स्वर में स्वर मिलाकर संपूर्ण राष्ट्रीय गीत का गायन किया, बल्कि बच्चों को संबोधित करते हुए उन्हें देश के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश भी दिया।
वंदे मातरम भारत की आत्मा और अखंडता का प्रतीक: प्रधानाचार्या मधु बाला
समारोह के समापन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या मधु बाला ने अपने संबोधन में कहा, “’वंदे मातरम’ केवल शब्दों या पंक्तियों का समूह मात्र नहीं है, बल्कि यह हमारे राष्ट्र की आत्मा, संप्रभुता और अखंडता का अनुपम प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस एक गीत ने पूरे देश को एकजुट करने का काम किया था।”
प्रधानाचार्या ने इस ऐतिहासिक अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा दिखाए गए अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी का कर्तव्य है कि वह हमारे अमर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों और इस राष्ट्रीय गीत के अमर संदेश को सदैव अपने दिलों में जीवित रखे।
