Pathankot News: पंजाब के पठानकोट के निकटवर्ती गांव धीरा में प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक ढोल माता मंदिर के सामने बनी करीब 80 साल पुरानी बरमी को तोड़े जाने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। धार्मिक स्थल से जुड़ी इस संरचना को नुकसान पहुंचाए जाने से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में नाराजगी है। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। इसी मांग को लेकर गुरुवार को गांव धीरा के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल एसपी सिटी जगदीश राज और थाना डिवीजन नंबर-2 के प्रभारी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों को लिखित ज्ञापन सौंपकर पूरी घटना की जानकारी दी और आरोप लगाया कि बरमी को बिना ग्रामीणों तथा मंदिर कमेटी की सहमति के तोड़ा गया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि प्राचीन ढोल माता मंदिर से हजारों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। यदि बरमी तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण थाने के बाहर धरना देने और सड़क जाम करने के लिए मजबूर होंगे।
विभाजन से पहले का बताया जा रहा ढोल माता मंदिर
ग्रामीणों के अनुसार, ढोल माता मंदिर वर्ष 1947 में देश के विभाजन से भी पहले का ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है। इस मंदिर में हर साल विशाल जागरण, महाशिवरात्रि और नाग पंचमी के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इन आयोजनों में दूर-दराज के इलाकों से हजारों श्रद्धालु पहुंचकर माथा टेकते हैं। श्रद्धालुओं का आरोप है कि मंदिर के ठीक सामने स्थित करीब 80 साल पुरानी बरमी को गांव के ही एक स्थानीय परिवार ने मनमाने ढंग से तोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस काम के लिए न तो गांव के लोगों की सहमति ली गई और न ही मंदिर कमेटी से अनुमति मांगी गई। लोगों के मुताबिक, बरमी केवल एक पुरानी संरचना नहीं थी, बल्कि मंदिर परिसर और स्थानीय धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई थी। इसे तोड़े जाने से पूरे इलाके के श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी वजह से अब ग्रामीण इस मामले में ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
112 पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि घटना वाले दिन ही आपातकालीन पुलिस हेल्पलाइन 112 पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा भी लिया था। इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक मामले में कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले कई दिनों से संबंधित थाना प्रभारी को लगातार शिकायतें दी जा रही हैं, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा और जल्द मामला दर्ज करने की मांग की।
कार्रवाई नहीं हुई तो थाने के बाहर धरना और चक्का जाम
पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि जल्द आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन शुरू करेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि वे मंदिर के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे और जरूरत पड़ने पर मुख्य राजमार्ग पर चक्का जाम भी करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे मंदिर और उससे जुड़ी धार्मिक आस्था के सम्मान की मांग कर रहे हैं। अब उनकी नजर पुलिस और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है। फिलहाल मामले में ग्रामीणों ने अपनी शिकायत और मांगें अधिकारियों के सामने रख दी हैं।
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