Patti Punjab Roadways Timing : तरनतारन जिले के सरहदी शहर पट्टी और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में पंजाब रोडवेज की बस सेवा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों का आरोप है कि पट्टी डिपो से खेमकरण, सभरा, कोट बुड्ढा और अन्य महत्वपूर्ण रूटों पर चलने वाली सरकारी बसों के समय में अचानक कटौती कर दी गई है। आरोप यह भी हैं कि सरकारी परिवहन व्यवस्था को दरकिनार कर निजी बस संचालकों को प्राथमिकता के आधार पर मनचाहा समय दिया जा रहा है।
ग्रामीण यात्रियों और विद्यार्थियों की बढ़ी परेशानी, निजी बसों पर निर्भर होने की मजबूरी
पट्टी से जुड़ने वाले सरहदी और दूर-दराज के गांवों से रोजाना सैकड़ों छात्र, दैनिक वेतनभोगी मजदूर, सरकारी कर्मचारी और मरीज शहर आते-जाते हैं। सरकारी बसों के निर्धारित फेरे घटने से यात्रियों को घंटों बस स्टैंड पर इंतजार करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी रंजीत सिंह, अशोक कुमार, गगन कुमार और मिंटू बेदी का कहना है कि रोडवेज बसों का उद्देश्य आम जनता को किफायती और सुलभ सफर मुहैया कराना है। लेकिन टाइम टेबल में फेरबदल के कारण मजबूरी में लोगों को महंगी और खचाखच भरी निजी बसों में सफर करना पड़ रहा है।
जीएम ने साधी चुप्पी, डीसी ने मांगी रिपोर्ट तो डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जब पट्टी डिपो के जनरल मैनेजर (जीएम) रंजीत सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। वहीं मामला मीडिया में तूल पकड़ने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) राहुल कुमार ने बताया कि मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग से पूरी रिपोर्ट तलब की गई है और अनियमितता पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, डायरेक्टरेट ऑफ स्टेट ट्रांसपोर्ट पंजाब से बात करने पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समय सारणी (टाइम टेबल) में बदलाव और रूट आवंटन के नियमों की गहराई से पड़ताल करवाई जा रही है। स्टेट ट्रांसपोर्ट डायरेक्टर ने भरोसा दिलाया कि यदि रोडवेज के समय में अनुचित कटौती कर निजी ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाने का मामला साबित होता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही सरकारी बसों के पुराने रूट बहाल कर यात्रियों की असुविधा दूर की जाएगी।

