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Pehowa News: रामलीला भवन में भागवत कथा के दूसरे दिन उमड़ा जनसैलाब, पंडित मनीष शास्त्री ने सुनाए अमर प्रसंग

GGaganpreet Kaur
रामलीला भवन में भागवत कथा के दूसरे दिन उमड़ा जनसैलाब, पंडित मनीष शास्त्री ने सुनाए अमर प्रसंग
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पिहोवा (अभिषेक पूर्णिमा): धर्मनगरी पिहोवा के ब्रह्मजुनी रोड पर स्थित रामलीला भवन इन दिनों पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगा हुआ है। समाजसेवी महिलाओं के विशेष प्रयासों से यहां आयोजित की जा रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जैसे ही व्यासपीठ से भजनों और कथा के प्रसंगों की शुरुआत हुई, पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। कथा व्यास पंडित मनीष शास्त्री ने भागवत महापुराण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह महान ग्रंथ केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए है। यह मनुष्य को भटकाव से बचाकर धर्म, संस्कार और सदाचार के सीधे रास्ते पर ले जाता है।

सुखदेव जी का वैराग्य और शिव-पार्वती संवाद का जीवंत वर्णन

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पंडित मनीष शास्त्री ने महर्षि वेदव्यास के पुत्र सुखदेव जी के जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उन्होंने सांसारिक मोह-माया के बंधनों को त्यागकर ईश्वर भक्ति और परम ज्ञान को चुना। सुखदेव जी का जीवन आज के समाज के लिए वैराग्य और आत्मज्ञान की सबसे बड़ी प्रेरणा है।

कथा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने भगवान शंकर द्वारा माता पार्वती को सुनाई गई अमर कथा का बेहद मार्मिक वर्णन किया। व्यासपीठ से बताया गया कि यह प्रसंग सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि मानव जीवन के कल्याण और ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्यों को समझने की कुंजी है। इस उपदेश के जरिए महादेव ने माता पार्वती को मानव जीवन की महत्ता और आत्मा की अमरता का पाठ पढ़ाया था।

व्यवस्थाओं में जुटी महिला शक्ति, समाज को दिया बड़ा संदेश

इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान की सबसे खास बात यह है कि इसकी कमान इलाके की महिलाओं ने संभाल रखी है। नगर पालिका प्रधान आशीष चक्रपाणि की धर्मपत्नी नीलिमा चक्रपाणि, कविता कौशिक, संध्या रिष्याण और निशा कौशिक समेत कई महिलाएं सुबह से ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट जाती हैं। नीलिमा चक्रपाणि ने इस मौके पर कहा कि महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं हैं, वे परिवार के साथ-साथ समाज और धर्म की भी सबसे मजबूत नींव हैं।

आयोजन से जुड़ी रंजना शर्मा और कल्पना शर्मा ने बताया कि बीती 6 जून से शुरू हुई यह कथा आगामी 12 जून तक चलेगी। अंतिम दिन भव्य हवन-यज्ञ, विशेष सत्संग और एक विशाल भंडारे के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी। सोमवार को कथा के समापन पर महाआरती की गई, जिसके बाद सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण हुआ।

इस धार्मिक माहौल में प्रवीण तिवारी, बाला शर्मा, अदिति चक्रपाणि, किरण शर्मा, नरेश चक्रपाणि, पार्षद रविकांत कौशिक, रमेश सैनी, टोनी शर्मा, योगेश शर्मा, मुकुट शर्मा, सुरेंद्र शर्मा और जयपाल शर्मा सहित पिहोवा व आसपास के इलाकों से आए सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

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