Punjab Chandigarh Weather Update : पंजाब और चंडीगढ़ में गुलाबी ठंड की आहट, 5 अक्टूबर तक मौसम रहेगा शुष्क
पंजाब और चंडीगढ़ में गुलाबी ठंड की आहट, 5 अक्टूबर तक मौसम रहेगा शुष्क
Punjab Chandigarh Weather Update : पंजाब और संघ शासित क्षेत्र चंडीगढ़ में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। भीषण गर्मी और उमस के लंबे दौर के बाद अब अलसुबह और देर रात के समय फिजा में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आगामी 30 सितंबर से 5 अक्टूबर तक पूरे क्षेत्र में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। इस दौरान वर्षा की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, दिन के समय आसमान साफ रहने से धूप की तल्खी बढ़ेगी, जिससे अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
गुरदासपुर और चंडीगढ़ से गुजर रही मानसून वापसी की रेखा
दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का सिलसिला लगातार जारी है। वर्तमान में मानसून की वापसी की सीमा रेखा गुरदासपुर और चंडीगढ़ से होकर गुजर रही है। क्षेत्र में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने से हवा में मौजूद नमी का स्तर घटेगा, जिससे आने वाले दिनों में वातावरण और अधिक शुष्क हो जाएगा।
बीते 24 घंटों के दौरान पंजाब के औसतन अधिकतम तापमान में 3.3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है, हालांकि यह अब भी सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है। इस अवधि में 34 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ बठिंडा राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा।
मानसून सीजन में 38 प्रतिशत कम बरसे बादल
बीते दिन पंजाब के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई, लेकिन किसी भी मापक केंद्र पर औपचारिक बारिश रिकॉर्ड नहीं हुई। मौसम साफ होने के साथ ही अब दिन का तापमान बढ़ेगा, जबकि रात के पारे में क्रमिक गिरावट जारी रहेगी।
इस वर्ष मानसून के पूरे सीजन में राज्य के भीतर सामान्य की तुलना में 38 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। बारिश की इस कमी का सीधा असर आने वाले समय में भूजल स्तर, कृषि उत्पादन और भूमि की नमी पर पड़ना तय माना जा रहा है।
मौसम सुहावना होते ही बिजली की मांग में गिरावट
तापमान में आई नरमी और मौसम के बदलते रुख का सीधा प्रभाव राज्य के बिजली तंत्र पर दिखाई देने लगा है। मंगलवार सुबह साढ़े छह बजे पंजाब में बिजली की कुल मांग घटकर 10,167 मेगावाट दर्ज की गई। इस मांग की पूर्ति के लिए 4,824 मेगावाट बिजली बाहरी स्रोतों से ली गई, जबकि पूर्व निर्धारित व्यवस्था 4,327 मेगावाट की थी।
इस प्रकार तय मात्रा से 497 मेगावाट अधिक बिजली उठाई गई। इस दौरान राज्य के अपने तापीय और जल विद्युत संयंत्रों से 5,345 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ और ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.84 हर्ट्ज पर बनी रही।
Punjab Weather: पंजाब में बारिश के बाद सुबह-शाम ठंड; आज 6 जिलें में बारिश का अलर्ट
