Punjab employees protest: पंजाब सरकार के खिलाफ कर्मचारियों का विरोध तेज हो रहा है। कर्मचारी एवं पेंशनर सांझा फ्रंट और सांझा कर्मचारी मंच पंजाब के दिशा-निर्देशों के तहत 21 और 22 अक्टूबर को राज्यभर में सामूहिक छुट्टी लेकर रोष प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत बुधवार को तरनतारन में स्वास्थ्य विभाग के पैरामेडिकल और अन्य कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय में रैली की। प्रधान रजवंत सिंह बागड़ियां के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सिविल सर्जन डॉ. संदीप धवन को सामूहिक छुट्टी संबंधी पत्र सौंपा। इस मौके पर सांझा कर्मचारी मंच जिला तरनतारन के प्रधान गुरसेवक सिंह सरां और महासचिव अंग्रेज सिंह भी मौजूद रहे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। पंजाब सरकार की ओर से इन मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिए जाने के कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सामूहिक छुट्टी लेकर विरोध जताने का उद्देश्य सरकार का ध्यान कर्मचारियों की समस्याओं की ओर खींचना है।
पुरानी पेंशन, डीए और कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग
रोष रैली के दौरान कर्मचारी नेताओं ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए और महंगाई भत्ते (डीए) की लंबित किस्तें जारी की जाएं। इसके साथ ही कर्मचारियों ने 15 जनवरी 2015 को जारी पत्र को रद्द करने की मांग भी रखी। नेताओं ने 17 जुलाई 2020 को जारी पत्र के अनुसार केंद्रीय पैटर्न पर नई भर्ती करने संबंधी नीति को रद्द करने और 4-9-14 एसीपी योजना बहाल करने की मांग की। उनका कहना है कि इन मांगों का कर्मचारियों की सेवा शर्तों और आर्थिक लाभों से सीधा संबंध है। सरकार को लंबित मामलों पर फैसला लेकर कर्मचारियों को राहत देनी चाहिए। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि सांझा कर्मचारी मंच पंजाब, चंडीगढ़ के आह्वान पर 21 और 22 अक्टूबर को सामूहिक छुट्टी लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। नेताओं ने स्पष्ट किया कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
22 अक्टूबर को DC कार्यालय में जुटेंगे जिलेभर के कर्मचारी
कर्मचारी नेताओं ने ऐलान किया कि 22 अक्टूबर को तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में जिलेभर के कर्मचारी बड़ी संख्या में एकत्रित होंगे और रोष प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन के जरिए पंजाब सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। रैली में फार्मेसी ऑफिसर यूनियन के जिला प्रधान भूपिंदर सिंह मरहाणा, रेडियोग्राफर यूनियन के प्रधान मनजीत सिंह, हेल्थ सुपरवाइजर यूनियन के नेता भूपिंदर सिंह तरनतारन और हेल्थ वर्कर यूनियन के नेता जसपिंदर सिंह सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा फूलबीर सिंह कैरों, मनदीप सिंह, गुरदेव सिंह ढिल्लों, नर्सिंग यूनियन की नेता करमपाल कौर और संदीप कौर, क्लेरिकल विभाग के वरिष्ठ सहायक मनदीप सिंह, एमएलटी यूनियन के हरसिमरन सिंह और गुरबचन सिंह भी शामिल हुए। फार्मेसी, रेडियोग्राफी, नर्सिंग और एड्स कंट्रोल सोसायटी से जुड़े कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में अन्य कर्मचारियों ने भी रैली में भाग लिया। कर्मचारियों ने दोहराया कि उनकी मांगों का समाधान बातचीत और ठोस फैसलों के जरिए किया जाना चाहिए। अब 22 अक्टूबर को DC कार्यालय में होने वाले प्रदर्शन पर कर्मचारियों और प्रशासन की नजर रहेगी। तरनतारन एथलेटिक्स मीट में खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, विजेता हैदराबाद में लेंगे हिस्सा

