Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे से लौटने के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। AAP ने मंगलवार को दावा किया कि मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब तीन घंटे तक रोका गया। पार्टी के मुताबिक, इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का 50 हजार रुपये का चालान भी काटा। AAP नेताओं का आरोप है कि अधिकारियों ने कार्रवाई के पीछे ऊपर से दबाव होने की बात कही। हालांकि, चालान किस नियम के तहत काटा गया और मुख्यमंत्री को एयरपोर्ट पर रोके जाने का आधिकारिक कारण क्या था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
दिल्ली के पूर्व मंत्री और AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मामले को लेकर पोस्ट किया। उन्होंने दशहरे का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह रावण का घमंड खत्म हुआ था, उसी तरह केंद्र सरकार का अहंकार भी टूटना चाहिए। उनका बयान केंद्र और पंजाब सरकार के बीच जारी राजनीतिक टकराव को दर्शाता है।
सामान गाड़ी में लोड होने के बाद चालान काटने का आरोप
पंजाब AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर घटना का विवरण साझा किया। उनके मुताबिक, अधिकारियों ने शुरुआत में सामान आने या जांच में देरी होने की बात कही। पन्नू का दावा है कि जब मुख्यमंत्री का सामान उनकी गाड़ी में लोड होने वाला था और वह एयरपोर्ट से निकलने की तैयारी कर रहे थे, तभी अधिकारियों ने चालान जारी कर दिया। पन्नू ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने खुद को ऊपर से दबाव में बताया। उन्होंने इस घटना को मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं की अनुमति से जुड़े विवाद के साथ जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। AAP नेताओं ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान फ्रांस में पंजाब के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने के उद्देश्य से गए थे। पार्टी के मुताबिक, ऐसे दौरे राज्य में व्यापार और निवेश के नए अवसर तलाशने के लिए जरूरी हैं।
SIAL Paris 2026 में शामिल होने गए थे भगवंत मान
भगवंत मान 17 से 21 अक्टूबर तक पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फूड ट्रेड एग्जिबिशन SIAL Paris 2026 में शामिल हुए थे। इस आयोजन में खाद्य उत्पादों, फूड प्रोसेसिंग और खाद्य कारोबार से जुड़े उद्योगों की भागीदारी होती है। पंजाब सरकार का उद्देश्य राज्य के कृषि और खाद्य उत्पादों को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने के अवसर तलाशना था। बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि पेरिस में भारतीय कॉन्सुल जनरल भी मुख्यमंत्री से मिलने नहीं आए, जबकि AAP के मुताबिक, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उनके दौरे को अनुमति मिली थी। यह आरोप पार्टी की ओर से लगाया गया है; संबंधित अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
विदेश दौरे को लेकर विवाद इससे पहले भी सामने आया था। विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं, खासकर कट्टरपंथी गुटों से संभावित खतरे का हवाला देते हुए मान को फ्रांस जाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया। राज्य सरकार ने अदालत में तर्क दिया कि यह दौरा राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि पंजाब के व्यावसायिक और कृषि हितों को आगे बढ़ाने के लिए था। 16 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने भगवंत मान को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी।
केंद्र पर पंजाब के फंड रोकने और विदेश दौरों में बाधा डालने का आरोप
AAP ने इस मामले को केंद्र और पंजाब सरकार के बीच बड़े राजनीतिक विवाद से भी जोड़ा है। बलतेज पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर पंजाब के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने राज्य की जायज रकम रोकी और मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं की अनुमति कम से कम चार बार नहीं दी। पन्नू ने किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को आशंका है कि मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं से पंजाब में निवेश बढ़ सकता है।
ये आरोप आम आदमी पार्टी के नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली एयरपोर्ट पर कथित रोक, चालान और AAP के अन्य आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इस मामले में अब मुख्य सवाल यह है कि मुख्यमंत्री को एयरपोर्ट पर रोके जाने की वजह क्या थी, 50 हजार रुपये का चालान किस आधार पर काटा गया और क्या संबंधित अधिकारियों या केंद्र सरकार की ओर से इस पर कोई औपचारिक स्पष्टीकरण दिया जाता है।
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