Punjab News : Punjab में समाज के कमजोर, बेसहारा और जरूरतमंद वर्गों के लिए सरकारी मदद अब सीधे संबल बन रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के दायरे को और व्यापक बनाते हुए राज्य के लाखों नागरिकों के लिए खजाना खोल दिया है।
राज्य की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 3,243 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में जारी कर दी है। इस वित्तीय सहायता का सीधा लाभ राज्य के करीब 36.39 लाख जरूरतमंद लोगों को मिला है।
सरकार का यह कदम इस बात की गवाही देता है कि शासन व्यवस्था का ध्यान अब समाज के उस आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है, जिसे अपने दैनिक जीवन यापन के लिए सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सहायता राशि वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति कागजी कार्रवाई या अज्ञानता के कारण इन योजनाओं से वंचित न रहने पाए।
बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को मिला बड़ा आर्थिक सहारा
वित्तीय सहायता के इस बड़े पैकेज को अलग-अलग श्रेणियों में बहुत ही सुनियोजित तरीके से बांटा गया है ताकि हर वर्ग की जरूरतों को पूरा किया जा सके। आंकड़ों पर नजर डालें तो विधवाओं, बेसहारा महिलाओं और आश्रित बच्चों के कल्याण के लिए सरकार ने 841.76 करोड़ रुपये की राशि सीधे 9.45 लाख लाभार्थियों तक पहुंचाई है। इसके साथ ही, समाज के बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम बनाने के लिए 2,401.67 करोड़ रुपये की बड़ी रकम 26.94 लाख लाभार्थियों को उपलब्ध कराई गई है।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों को नियमित तौर पर वित्तीय मदद मिलने से उनके परिवारों पर आने वाला आर्थिक संकट काफी हद तक कम हुआ है। सरकार की कोशिश यही है कि राज्य का कोई भी नागरिक वित्तीय तंगी या मुफलिसी के दौर में खुद को अकेला या लाचार महसूस न करे।
भविष्य के लिए मजबूत बजट और जमीनी निगरानी पर जोर
आने वाले समय में इन योजनाओं के दायरे को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 6,131.91 करोड़ रुपये का एक बड़ा बजट प्रावधान भी तय किया है। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार सिर्फ तात्कालिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक योजनाओं के जरिए सामाजिक सुरक्षा चक्र को और मजबूत करना चाहती है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए साफ निर्देश दिए हैं कि योजनाओं की जमीनी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए। गांवों और शहरी बस्तियों में विशेष कैंप लगाकर लोगों को इन योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाए ताकि जो लोग अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे भी इस सामाजिक सुरक्षा कवच का हिस्सा बन सकें। सरकार का यह प्रयास पंजाब के जरूरतमंद परिवारों के चेहरे पर राहत की मुस्कान लाने का एक ठोस माध्यम साबित हो रहा है।

