Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Punjab Weather: पंजाब-चंडीगढ़ में बारिश और तेज हवाएं चलने का अलर्ट, मानसा में डेयरी फार्म का टीन शेड गिरने से 2 भैंसों की मौत

VVinita Kohli
Punjab Weather: पंजाब-चंडीगढ़ में बारिश और तेज हवाएं चलने का अलर्ट, मानसा में डेयरी फार्म का टीन शेड गिरने से 2 भैंसों की मौत
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

Weather Update: पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग ने 6 और 7 जून के लिए राज्य के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव जैसी परिस्थितियों के बीच मौसम में आया यह बदलाव लोगों को राहत दे रहा है। हालांकि तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह भी दी गई है।

चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पिछले 24 घंटों में पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद राज्य का तापमान सामान्य स्तर से 2.7 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 42.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं चंडीगढ़ में 5.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिससे गर्मी से कुछ राहत महसूस की गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से फिलहाल तापमान नियंत्रित बना हुआ है।

विज्ञापन

18 जिलों के लिए जारी हुआ मौसम अलर्ट

मौसम विभाग ने पंजाब के 18 जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में कई स्थानों पर वर्षा होने के अधिक आसार बताए गए हैं। दूसरी ओर फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट और श्री मुक्तसर साहिब के लिए फिलहाल कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।

मानसा में डेयरी फार्म का टीन शेड गिरा

गुरुवार शाम पंजाब के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मानसा जिले के गांव भैणीबाघा में आंधी और बारिश के दौरान एक डेयरी फार्म का टीन शेड अचानक गिर गया। इस हादसे में दो भैंसों की मौत हो गई, जबकि करीब 15 भैंसें घायल हो गईं। घटना में एक मजदूर के घायल होने की भी सूचना मिली है। स्थानीय लोगों ने बताया कि तेज हवाओं की वजह से शेड का ढांचा कमजोर पड़ गया और कुछ ही मिनटों में पूरी संरचना ढह गई। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।

पटियाला में बिजली ढांचे को पहुंचा नुकसान

पटियाला में खालसा कॉलेज के पास एक बड़ा पेड़ बिजली की तारों पर गिर गया। इस घटना के कारण आठ बिजली खंभे और एक ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए। इससे आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और कई घंटों तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा पेड़ गिरने के कारण सड़क पर यातायात भी बाधित रहा। संबंधित विभागों की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू किया। इस बीच अमृतसर में 0.6 मिलीमीटर और रूपनगर में 1.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

पश्चिमी विक्षोभ बना मौसम बदलाव की वजह

मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान की ओर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के मौसम में बदलाव आया है। इसी प्रणाली के कारण कई क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं और बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ी हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पंजाब में अभी मानसून नहीं पहुंचा है। वर्तमान में हो रही बारिश पूरी तरह पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी मौसमी गतिविधियों का परिणाम है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना एक अन्य मौसम तंत्र अब कमजोर पड़ चुका है।

अगले तीन दिनों तक राहत के संकेत

मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि 6 जून, 7 जून और 10 जून को भी राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना बनी हुई है। अगले तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि इसके बाद मौसम साफ होने पर गर्मी दोबारा बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने किसानों, पशुपालकों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

विज्ञापन

पंजाब की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।