Punjab Weather: पंजाब और चंडीगढ़ में शुक्रवार को मौसम बदला हुआ रहेगा। पंजाब के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि चंडीगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ एक-दो बार गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। गुरदासपुर में वीरवार को 47.5 मिमी बारिश दर्ज हुई, वहीं बठिंडा 38 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा। राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 0.3 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इन जिलों में बारिश के ज्यादा आसार
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और एसएएस नगर यानी मोहाली में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।
फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर में भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऐसे में इन जिलों में लोगों को दिनभर बदलते मौसम के लिए तैयार रहना होगा।
गुरदासपुर में सबसे ज्यादा बारिश
वीरवार को गुरदासपुर में 47.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पंजाब में सबसे अधिक रही। इसके अलावा रूपनगर में 12 मिमी और लुधियाना में 9.6 मिमी बारिश हुई।
फिरोजपुर, पटियाला और जालंधर के अलावा भाखड़ा बांध के आसपास भी हल्की बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर चंडीगढ़, अमृतसर, मोहाली, संगरूर और होशियारपुर में वीरवार को बारिश नहीं हुई।
मानसून सक्रिय, मौसम सिस्टम में बदलाव
पंजाब और हरियाणा में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मानसून ट्रफ अमृतसर से होकर गुजर रही है, जबकि उत्तर पाकिस्तान और जम्मू के पास पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
हरियाणा के ऊपर बना मौसम सिस्टम अब उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर खिसक गया है। पंजाब के ऊपर बना सिस्टम कमजोर पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद दोनों राज्यों में बादल छाए रहने और कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
बारिश का यह दौर तापमान में बड़ी गिरावट की गारंटी नहीं देता। राज्य का औसत अधिकतम तापमान पहले ही 0.3 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है और बठिंडा में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
बिजली की मांग 13,705 मेगावाट पहुंची
बारिश के बीच पंजाब में बिजली की मांग भी ऊंची बनी हुई है। 20 अगस्त की शाम राज्य में बिजली की मांग 13,705 मेगावाट दर्ज की गई।
पंजाब के बिजलीघरों से 5,027 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ, जबकि 8,668 मेगावाट बिजली बाहर से ली गई। तय शेड्यूल की तुलना में राज्य ने 203 मेगावाट अधिक बिजली ली।
बारिश से कुछ इलाकों में गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन जिन जिलों में तापमान ऊंचा बना हुआ है वहां उमस और गर्मी का असर जारी रह सकता है। लगातार बदलते मौसम के कारण शहरों और ग्रामीण इलाकों में रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है।

