जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भाजपा सरकार पर सिलिकोसिस मरीजों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि खदान और निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले हजारों मजदूर इस लाइलाज और जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हैं, लेकिन उन्हें समय पर राहत नहीं मिल रही है। गहलोत ने सरकार से तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने और प्रभावित परिवारों को आर्थिक व चिकित्सीय सहायता सुनिश्चित करने की मांग की।
सिलिकोसिस को लेकर गंभीर आरोप
अशोक गहलोत ने कहा कि सिलिकोसिस राजस्थान के गरीब मजदूरों के लिए बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की उदासीनता के कारण नए मरीजों के कार्ड नहीं बन रहे हैं। कई पात्र लाभार्थियों के कार्ड बिना कारण ब्लॉक कर दिए गए हैं, जिससे सहायता राशि रुक गई है। उन्होंने कहा कि इससे पीड़ित मजदूरों की स्थिति और खराब हो रही है।
कांग्रेस सरकार के फैसलों का उल्लेख
गहलोत ने अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि 2013 में उनकी सरकार ने चार लाख रुपये की सहायता राशि शुरू की थी। उन्होंने बताया कि 2019 में देश की पहली ‘सिलिकोसिस पॉलिसी’ लागू की गई। उनके अनुसार 2019 से 2023 के बीच करीब 35,000 मरीजों को 911 करोड़ रुपये से अधिक की प्रत्यक्ष सहायता दी गई।
लंबित कार्ड और बढ़ती महंगाई
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी पॉलिसी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने विशेष अभियान चलाकर लंबित कार्ड जारी करने और ब्लॉक कार्ड बहाल करने की मांग की। गहलोत ने कहा कि पिछले छह वर्षों से सहायता राशि नहीं बढ़ी है, इसलिए महंगाई को देखते हुए इसे तुरंत संशोधित किया जाना चाहिए। साथ ही उद्योगों को सुरक्षा नियमों के पालन के लिए सख्ती से बाध्य करने पर भी जोर दिया।

