Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Rajasthan News: पीपीई किट पहनकर प्रिंसिपल का उठाया साहसिक कदम, 5 घंटे में खुद हटाए मधुमक्खियों छत्ते

VVinita Kohli
Rajasthan News: पीपीई किट पहनकर प्रिंसिपल का उठाया साहसिक कदम, 5 घंटे में खुद हटाए मधुमक्खियों छत्ते
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

चूरू: राजस्थान के चूरू में स्थित मेडिकल कॉलेज में एक अनोखा और साहसिक कदम देखने को मिला, जब प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार ने खुद पीपीई किट पहनकर मधुमक्खियों के खतरनाक छत्तों को हटाने का जिम्मा उठाया। रविवार को छुट्टी के दिन करीब 5 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद कॉलेज परिसर से 7 बड़े छत्तों को हटाया गया। इस अभियान का उद्देश्य छात्रों और स्टाफ को संभावित हमले से सुरक्षित करना था, क्योंकि हाल ही में एक सिक्योरिटी गार्ड पर मधुमक्खियों ने हमला किया था।

सुरक्षा के लिए उठाया गया बड़ा कदम

विज्ञापन

कॉलेज की बिल्डिंग में बने मधुमक्खियों के छत्तों से लगातार खतरा बना हुआ था। 3 अप्रैल की रात ड्यूटी के दौरान एक सिक्योरिटी गार्ड पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की जरूरत महसूस की।

विशेषज्ञ नहीं मिले तो खुद संभाली जिम्मेदारी

प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार ने पहले इस काम के लिए विशेषज्ञों से संपर्क किया, लेकिन बढ़ते खतरे के कारण किसी ने यह जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने खुद मैदान में उतरने का फैसला किया और टीम बनाकर अभियान की योजना तैयार की।

5 घंटे चला ऑपरेशन

रविवार को अवकाश होने के कारण छात्रों को परेशानी से बचाने के लिए इसी दिन को चुना गया। पीपीई किट पहनकर प्रिंसिपल और उनकी टीम ने करीब 5 घंटे तक लगातार काम किया और सभी 7 छत्तों को हटाने में सफलता हासिल की। यह ऑपरेशन दोपहर 1 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चला।

पूरी टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस अभियान में सेंट्रल लैब इंचार्ज डॉ. नदीम, मैस कर्मचारी सुमेर, कर्मचारी जगदीश और अन्य स्टाफ सदस्य शामिल रहे। सिक्योरिटी गार्ड और सफाई कर्मचारियों ने भी सहयोग दिया। सभी ने मिलकर इस जोखिम भरे काम को सफल बनाया।

पहले छात्रों को किया गया सुरक्षित

अभियान शुरू करने से पहले हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। इसके बाद छत्तों को हटाने का काम शुरू किया गया। जिन स्थानों पर छत्ते थे, वहां केमिकल और डीजल का छिड़काव किया गया ताकि मधुमक्खियों को हटाया जा सके।

हॉस्टल में थे सभी छत्ते

मधुमक्खियों के ये छत्ते गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल में बने हुए थे। गर्ल्स हॉस्टल में 3 और बॉयज हॉस्टल में 4 छत्ते पाए गए। यह चार मंजिला इमारतें 2018 में बनी थीं और इनमें बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं।

समय रहते टला बड़ा खतरा

प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार ने बताया कि अस्पताल में अक्सर मधुमक्खी के हमले के मरीज आते रहते हैं, लेकिन कॉलेज में बने इतने बड़े छत्तों से सैकड़ों छात्रों पर खतरा मंडरा रहा था। इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया गया।

जिले में बढ़ा मधुमक्खियों का खतरा

चूरू जिले में पिछले एक महीने के दौरान मधुमक्खियों के हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। इस दौरान 36 से अधिक लोग घायल हुए हैं और 2 लोगों की मौत भी हो चुकी है, जिससे प्रशासन और आम लोगों में चिंता बढ़ गई है।

जानलेवा हो सकता है हमला

विशेषज्ञों के अनुसार एक मधुमक्खी के डंक से शरीर में 120 से 150 माइक्रोग्राम टॉक्सिन जाता है, जबकि कुछ खतरनाक प्रजातियां इससे अधिक टॉक्सिन छोड़ती हैं। यदि 400 से 500 मधुमक्खियां एक साथ हमला करें तो व्यक्ति की जान बचाना मुश्किल हो सकता है।

विज्ञापन

चूरू की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।