Rajasthan News: राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि गुणवत्ता किसी भी समाज, उत्पाद या विचार को सामान्य से श्रेष्ठ बनाने में अहम भूमिका निभाती है। श्रेष्ठता केवल भौतिक पैमानों से नहीं, बल्कि वैचारिक, नैतिक और व्यावहारिक शुद्धता से भी तय होती है। उन्होंने राजस्थान सहित देशभर में गुणवत्ता और मानकीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा लोगों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। बागडे बुधवार को कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में भारतीय मानक ब्यूरो की ओर से आयोजित विश्व मानक दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मानकों का पालन उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने के साथ लोगों के जीवन को सुरक्षित, सुगम और बेहतर बनाने में मदद करता है। उन्होंने उपभोक्ताओं में रचनात्मकता, नवाचार और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई।
राजस्थान में गांवों तक पहुंचे गुणवत्ता मानकों की जानकारी
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने प्राचीन भारतीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रेष्ठता भारतीय जीवन का आधार रही है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो की ओर से तय गुणवत्ता मानकों को अहम बताते हुए कहा कि लोगों को इनके महत्व और उपयोग की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ISI, ISO और हॉलमार्क जैसे मानकों के प्रति जागरूकता केवल शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। गांवों में भी लोगों को इनकी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे उत्पाद खरीदते समय गुणवत्ता को समझ सकें और जागरूक फैसला ले सकें। राजस्थान जैसे बड़े राज्य में शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं तक गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी पहुंचना जरूरी है। मानकों के बारे में जागरूकता लोगों को उत्पादों की पहचान करने और गुणवत्ता को प्राथमिकता देने में मदद कर सकती है। राज्यपाल ने भारतीय मानक ब्यूरो से गुणवत्ता और मानकीकरण के साथ रचनात्मकता, नवाचार तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
ISI मार्क और हॉलमार्क को बताया भरोसे की पहचान
राज्यपाल ने कहा कि ISI मार्क और हॉलमार्क जैसे मानक आज विश्वास का प्रतीक हैं। मानकों का पालन उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि तय मानकों के अनुसार तैयार उत्पाद लोगों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में योगदान देते हैं। उन्होंने विभिन्न उत्पादों, सेवाओं और तकनीकी क्षेत्रों के लिए नियम व मानक निर्धारित करने वाले वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और विशेषज्ञों के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन विशेषज्ञों का योगदान गुणवत्ता सुनिश्चित करने और तकनीकी क्षेत्रों में निर्धारित मानकों को विकसित करने के लिहाज से अहम है। बागडे ने भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, नवाचार और विश्वसनीयता में लगातार सुधार करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जब भारत के उत्पाद और सेवाएं कड़े मानकों का पालन करेंगे, तो वैश्विक बाजार में देश की पहचान और साख मजबूत होगी। गुणवत्ता को प्राथमिकता देने से उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
‘वन नेशन, वन स्टैंडर्ड’ से गुणवत्ता संपन्न भारत का लक्ष्य
राज्यपाल ने कहा कि गुणवत्ता को हर क्षेत्र में आदत बनाना होगा। उन्होंने ‘वन नेशन, वन स्टैंडर्ड’ की नीति अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि मानकों के प्रति प्रतिबद्धता से भारत को गुणवत्ता संपन्न देश बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने भारतीय उत्पादों और सेवाओं की विश्वसनीयता मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास करने की अपील की। गुणवत्ता को प्राथमिकता देने में उत्पाद बनाने वाली इकाइयों, सेवा प्रदाताओं, विशेषज्ञों और उपभोक्ताओं की भूमिका अहम है। मानकों की जानकारी और उनका पालन देश की वैश्विक साख को मजबूत करने में मदद कर सकता है। समारोह से पहले राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने उपस्थित लोगों को मानक दिवस की शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने मानक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में गुणवत्ता और मानकीकरण के महत्व को आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। राजस्थान के नागौर ने कृषि योजना में देशभर में पहला स्थान पाया, ओवरऑल रैंकिंग में दूसरे नंबर पर

