राजस्थान में मानसून कमज़ोर पड़ा तो बरसी मई जैसी गर्मी, पारा 41 डिग्री के पार; 48 घंटे में मानसून की विदाई संभव
राजस्थान में फिर बढ़ी गर्मी
Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून की बारिश का दौर कमजोर पड़ते ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सितंबर के दूसरे हिस्से में भी कई इलाकों में दिन का तापमान 40 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर पहुंच रहा है। पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। जैसलमेर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ ही बीकानेर और बाड़मेर में भी पारा 40 डिग्री के पार रहा। ऐसे में बारिश के मौसम के बाद अब लोगों को दिन में मई-जून जैसी गर्मी महसूस होने लगी है। जोधपुर, जयपुर, अजमेर और पिलानी समेत राज्य के कई अन्य शहरों में भी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। दिन के समय तेज धूप के साथ गर्म हवाओं के कारण गर्मी का असर और बढ़ रहा है।
मंगलवार को राजस्थान में सबसे अधिक तापमान जैसलमेर में दर्ज हुआ। यहां अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके बाद बीकानेर में 40.6 डिग्री और बाड़मेर में 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। चूरू में भी अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर के आसपास के क्षेत्रों में हल्की गर्म हवा चलने से तापमान का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी दिशा से हवाएं चलने के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इन हवाओं के कारण वातावरण में नमी भी कम हो रही है, जिससे बारिश की संभावना घट गई है।
मौसम विभाग ने राजस्थान में अगले 4-5 दिन मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान ज्यादातर इलाकों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है और दिन के तापमान में बढ़ोतरी जारी रह सकती है। बारिश थमने के साथ ही उमस और गर्मी के बाद अब कई क्षेत्रों में सूखी गर्मी का असर बढ़ रहा है। खासकर पश्चिमी राजस्थान के जिलों में इसका प्रभाव ज्यादा दिखाई दे रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलने और नमी में कमी के साथ मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां बन रही हैं। अगले 24 से 48 घंटे में राज्य के कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई शुरू होने की संभावना जताई गई है।
कम बारिश से पश्चिमी राजस्थान में सूखे जैसे हालात
राजस्थान में इस साल मानसून की एंट्री देरी से हुई थी। इसके बाद अगस्त में भी बारिश अपेक्षाकृत कम रही। राज्य के कई जिलों में मानसून के दौरान बारिश सामान्य या सामान्य से कम दर्ज की गई। पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में बारिश की कमी का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। मानसून के आखिरी चरण में भी इन क्षेत्रों को पर्याप्त बारिश नहीं मिल सकी है, जिससे कुछ इलाकों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। आने वाले दिनों में भी पश्चिमी राजस्थान के इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश की संभावना कम बताई जा रही है। मानसून की विदाई के साथ बारिश का दौर पूरी तरह कमजोर पड़ने पर खेती और जल स्रोतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल राज्य में बारिश से ज्यादा गर्मी का असर रहने वाला है। अगले 4-5 दिनों तक मौसम शुष्क रहने के साथ दिन के तापमान में बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 40 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका तापमान इस बदलाव का संकेत दे रहा है। मानसून की विदाई शुरू होने के बाद राजस्थान में मौसम का मिजाज और शुष्क होने की संभावना है।
