पंजाब में आज ड्राई रहेगा मौसम, मानसून की विदाई शुरू; पटियाला में 35.4 डिग्री तापमान
पंजाब-चंडीगढ़ में फिर बदलेगा मौसम
Punjab Weather News: पंजाब में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी रेखा इस समय पटियाला और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है। अगले एक से दो दिनों में मानसून के पंजाब के बाकी हिस्सों से भी बाहर निकलने और आगे चंडीगढ़ व दिल्ली की दिशा में बढ़ने के आसार हैं। मानसून की विदाई के बीच 23 सितंबर को पंजाब में मौसम मुख्य रूप से ड्राई रहेगा। पश्चिमी हवाएं चलने के कारण वातावरण में बादल बनने की स्थिति नहीं बन रही है। ऐसे में दिन के समय गर्मी बनी रह सकती है और लोगों को सितंबर के आखिरी सप्ताह में भी मई जैसी गर्मी महसूस हो रही है। हालांकि मौसम पूरी तरह एक जैसा नहीं रहने वाला। मौसम विभाग ने 25 सितंबर के आसपास पंजाब समेत कुछ इलाकों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। यह बारिश मानसून की वापसी से सीधे तौर पर जुड़ी नहीं होगी, बल्कि स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण होने की संभावना है।
तापमान सामान्य के करीब, पटियाला में 35.4 डिग्री
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार पिछले 24 घंटे में पंजाब के औसत तापमान में 0.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद राज्य का औसत तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। पटियाला में मंगलवार को सबसे अधिक 35.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सितंबर का आखिरी सप्ताह चलने के बावजूद दिन में तापमान का यह स्तर लोगों को गर्मी का अहसास करा रहा है। खासकर दोपहर के समय बाहर निकलने वालों को उमस और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस बार पंजाब में मानसून सामान्य से 39 प्रतिशत कम रहा है। बारिश की यह कमी सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं है। इसका असर खेती की जरूरतों, बिजली की मांग और भूजल स्तर पर भी पड़ सकता है। जिन इलाकों में मानसूनी बारिश कम हुई है, वहां सिंचाई के लिए भूजल और बिजली पर निर्भरता बढ़ने की संभावना रहती है।
बारिश से ज्यादा गर्मी और बिजली की मांग पर नजर
पंजाब में मानसून की कमी के बीच मौसम में बदलाव का सीधा असर बिजली की खपत पर भी दिखाई दे रहा है। गर्मी बनी रहने के कारण राज्य में बिजली की मांग सुबह के समय ही 12 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई। पंजाब में बिजली की कुल मांग 12,990 मेगावाट दर्ज की गई। राज्य ने 7,437 मेगावाट बिजली ली, जबकि निर्धारित शेड्यूल 7,392 मेगावाट था। यानी मांग को पूरा करने के लिए पंजाब ने शेड्यूल से 45 मेगावाट ज्यादा बिजली ली।
राज्य में बिजली का अपना उत्पादन 5,556 मेगावाट रहा। इस दौरान ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.82 हर्ट्ज दर्ज की गई। गर्मी का असर अगर अगले कुछ दिनों तक बना रहता है तो बिजली की खपत भी ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है। 25 सितंबर के आसपास संभावित बारिश से तापमान में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन अभी इसे पूरे पंजाब में बारिश का दौर नहीं माना जा सकता। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक बारिश कुछ इलाकों तक सीमित रह सकती है और इसका मानसून की विदाई से सीधा संबंध नहीं है। पंजाब में मानसून की वापसी के साथ अब मौसम का रुख धीरे-धीरे बदलने की स्थिति में है। आने वाले दिनों में दिन का तापमान, रात की ठंडक और बारिश की स्थिति यह तय करेगी कि प्रदेश में गर्मी से राहत कब और कितनी मिलती है।
