Rajpal Yadav Case: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस के सात मामलों में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने इन मामलों से जुड़े विवाद को मध्यस्थता के लिए भेज दिया है, ताकि दोनों पक्ष आपसी सहमति से समाधान निकाल सकें। यह आदेश तब आया, जब अदालत को बताया गया कि राजपाल यादव ने कोर्ट रजिस्ट्री में 2 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की बेंच ने दोनों पक्षों से समझौते की संभावना तलाशने को कहा। अभिनेता ने इन मामलों में अपनी दोषसिद्धि और तीन महीने की सजा को चुनौती दी थी। अदालत ने विवाद की प्रकृति को देखते हुए इसे मध्यस्थता के जरिए सुलझाने का रास्ता अपनाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की कोशिश करें
सुनवाई के दौरान बेंच ने शिकायतकर्ता कंपनी से पूछा कि जब अदालत में 2 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, तो विवाद को सुलझाने की कोशिश क्यों नहीं की जा रही है। अदालत ने दोनों पक्षों को निष्पक्ष रवैया अपनाते हुए आपसी सहमति से समाधान निकालने की सलाह दी। राजपाल यादव की ओर से पेश वकील विक्रांत ने अदालत को बताया कि अभिनेता ने 2 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने के लिए अपनी पैतृक संपत्ति बेच दी थी। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने मामले में अदालत के हस्तक्षेप और विवाद के समाधान की संभावनाओं पर भी टिप्पणी की। अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामलों की जटिलता और विवाद की प्रकृति को देखते हुए इनके आपसी सहमति से सुलझने की संभावना है। इसी आधार पर सातों मामलों से जुड़े विवाद को मध्यस्थता के लिए भेज दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने विवाद के समाधान के लिए एक मध्यस्थ नियुक्त किया है। अदालत ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे सुनवाई की तारीख तय करने के लिए मध्यस्थ से संपर्क करें। मध्यस्थ जरूरत पड़ने पर दोनों पक्षों को व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन पेश होने के लिए कह सकते हैं। अब मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान यह कोशिश की जाएगी कि शिकायतकर्ता कंपनी और राजपाल यादव के बीच विवाद का कोई सहमति आधारित समाधान निकल सके। हालांकि, मामले को मध्यस्थता के लिए भेजने का मतलब यह नहीं है कि सभी कानूनी विवाद समाप्त हो गए हैं। आगे की स्थिति मध्यस्थता में होने वाली बातचीत और दोनों पक्षों के बीच बनने वाली सहमति पर निर्भर करेगी।
पेशेवर काम के लिए विदेश जा सकेंगे राजपाल यादव
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से पासपोर्ट जारी करने की मांग भी रखी गई। उनके वकील ने अदालत को बताया कि अभिनेता को अपने पेशेवर काम के सिलसिले में विदेश यात्रा करनी है और इसके लिए पासपोर्ट की जरूरत है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह तय की जाने वाली शर्तों के आधार पर राजपाल यादव का पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया पूरी करे। अभिनेता को इन शर्तों का पालन करने के बाद ही विदेश यात्रा करने की अनुमति होगी। अदालत ने यह भी कहा कि विदेश से लौटने के बाद राजपाल यादव को संबंधित ट्रायल कोर्ट को इसकी सूचना देनी होगी। इस तरह पासपोर्ट और विदेश यात्रा से जुड़ी राहत शर्तों के अधीन रहेगी।
इससे पहले राजपाल यादव खुद सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने बेंच को बताया था कि उनकी फिल्म ‘आटा पता लापता’ के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। चेक बाउंस से जुड़े मामलों में अभिनेता ने अपनी दोषसिद्धि और तीन महीने की सजा को चुनौती दी थी। 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भुगतान के लिए एक और मौका दिया था। अदालत ने कुल 5 करोड़ रुपये की बकाया राशि में से कम से कम 2 करोड़ रुपये कोर्ट रजिस्ट्री में जमा कराने का निर्देश दिया था। उस समय अभिनेता को सरेंडर करने से मिली अंतरिम राहत भी 5 अक्टूबर तक बढ़ाई गई थी। हालांकि, निर्धारित रकम जमा कराने में लगातार देरी को लेकर अदालत ने पहले राजपाल यादव को फटकार लगाई थी। अब 2 करोड़ रुपये जमा होने के बाद विवाद को मध्यस्थता के लिए भेजने और शर्तों के साथ पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया गया है। पत्ति नीलामी की खबरों के बीच राजपाल यादव का बड़ा बयान, ‘जिसका भी पैसा है, घर तक पहुंचेगा’

