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राम मंदिर दान विवाद: अखिलेश ने भाजपा पर हमला तेज किया, भूमि संबंधी अनियमितता का आरोप लगाया

VVinita Kohli
राम मंदिर दान विवाद: अखिलेश ने भाजपा पर हमला तेज किया, भूमि संबंधी अनियमितता का आरोप लगाया
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लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कथित राम मंदिर दान विवाद को लेकर बुधवार को भाजपा पर हमला तेज करते हुए दान के प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाया। अखिलेश ने अयोध्या में भूमि संबंधी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनकी टिप्पणी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राम मंदिर को दिए गए दान का गबन किये जाने के आरोपों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के कुछ दिनों बाद आई है। यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कथित अनियमितताओं से जुड़े सीसीटीवी फुटेज गायब थे और दावा किया कि प्राप्त दान के प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी थी।

उन्होंने कहा, “लोग पूछ रहे हैं कि कोई उचित हिसाब क्यों नहीं दिया जा रहा है। दान, चढ़ावे और अन्य निधियों के बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं।” सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि अयोध्या में जमीन पर कब्जे और अनियमितताओं की शिकायतें बार-बार सरकार के संज्ञान में लाई गई हैं। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय निवासियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के साथ जानकारी साझा की थी। यादव ने आरोप लगाया कि कई लोगों ने अपनी जमीन पर कब्जा खो दिया है। उन्होंने लोगों से भूमि अधिग्रहण और घरों के ढहाए जाने से जुड़े कथित मामलों का विवरण प्रदान करने की अपील की ताकि मुद्दों का दस्तावेजीकरण किया जा सके और सरकार के सामने उठाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को धर्म से ज्यादा पैसे की चिंता है और लोग विकास, समृद्धि, महंगाई से राहत और विभाजनकारी राजनीति का अंत चाहते हैं। 

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पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों पर प्रमुख मुद्दों पर जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया और सत्ता में आने पर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के सपा के वादे को दोहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि उर्वरकों की कमी और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतें किसानों और आम लोगों को प्रभावित कर रही हैं। संगठनात्मक मामलों का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि सपा जल्द ही गोरखपुर में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करेगी और भविष्य के चुनावी मुकाबलों से पहले अपने जमीनी स्तर के नेटवर्क को मजबूत करेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने अतीत में दल-बदल कराकर विपक्षी दलों को कमजोर किया है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि सपा एक मजबूत संगठन बनी हुई है जिसने कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना किया है।

इस बीच, तीन सदस्यीय एसआईटी ने अयोध्या में राम मंदिर दान निधि से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच जारी रखी है। टीम ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की है और दान राशि और ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन से संबंधित आरोपों की जांच कर रही है। ट्रस्ट के अनुरोध के बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एसआईटी का गठन किया गया था, जिसमें कहा गया था कि तथ्यों को स्थापित करने और इस मुद्दे पर दुष्प्रचार का मुकाबला करने के लिए एक निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सात जून को यादव ने उन रिपोर्टों का हवाला दिया जिनमें आरोप लगाया गया था कि राम मंदिर में दान के तौर पर दिए गए करोड़ों रुपये गायब हैं, और उन्होंने अदालतों से इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया। ट्रस्ट ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया है और कहा है कि आंतरिक ऑडिट में आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है।

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