Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Ram Niwas Surjakhera : 70 करोड़ का घोटाला: जेजेपी के पूर्व विधायक को नहीं मिली राहत, मनी लॉन्ड्रिंग केस में सलाखों के पीछे रहेंगे सुरजाखेड़ा

AAmandeep Singh
70 करोड़ का घोटाला: जेजेपी के पूर्व विधायक को नहीं मिली राहत, मनी लॉन्ड्रिंग केस में सलाखों के पीछे रहेंगे सुरजाखेड़ा
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

पंचकुला। हरियाणा की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचाने वाले HSVP घोटाले में जननायक जनता पार्टी (JJP) के पूर्व विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन और सरकारी धन की हेराफेरी के आरोपों का सामना कर रहे सुरजाखेड़ा की नियमित जमानत याचिका को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। अदालत का रुख इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बेहद सख्त रहा, जिससे साफ है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी शिकंजा और कसने वाला है।

रिकॉर्ड से बाहर था बैंक खाता, ऐसे बुना गया ‘मनी ट्रेल’

विज्ञापन

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत के समक्ष जो तथ्य पेश किए, वे चौंकाने वाले हैं। जांच के अनुसार, यह पूरा घोटाला साल 2015 से 2019 के बीच अंजाम दिया गया। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के एक ऐसे बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया, जिसका विभागीय रजिस्टरों में कोई जिक्र तक नहीं था। इस ‘सीक्रेट’ खाते के जरिए करीब 70 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ। ईडी का आरोप है कि रामनिवास सुरजाखेड़ा, जो उस समय अकाउंट्स असिस्टेंट के पद पर तैनात थे, ने वरिष्ठ लेखा अधिकारी सुनील कुमार बंसल के साथ मिलकर सरकारी खजाने में सेंध लगाई।

100 करोड़ की नगद निकासी और फर्जी भुगतान

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत तीसरे पक्ष (Third Party) के बैंक खातों का इस्तेमाल किया। पहले सरकारी पैसा इन खातों में भेजा गया और फिर सुनियोजित तरीके से 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि नकद निकालकर आपस में बांट ली गई। हालांकि, बचाव पक्ष ने दलील दी कि सुरजाखेड़ा लंबे समय से हिरासत में हैं और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है, लेकिन हाई कोर्ट ने इन दलीलों को अपर्याप्त माना।

अदालत की सख्त टिप्पणी: 7 साल की सजा में 1 साल की हिरासत ‘लंबी’ नहीं

जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने जमानत याचिका खारिज करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि आरोपी 9 जून 2025 से हिरासत में है, और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों में जहां अधिकतम सजा 7 साल है, वहां इस अवधि को “लंबी हिरासत” नहीं कहा जा सकता। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि मामले में 39 गवाह और 111 दस्तावेज मौजूद हैं, जिससे यह नहीं लगता कि ट्रायल में असामान्य देरी होगी। PMLA की धारा 45 के तहत लागू होने वाली दोहरी शर्तों (Dual Conditions) का हवाला देते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी खुद को निर्दोष साबित करने की प्राथमिक चुनौती पार नहीं कर सका है।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।