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Badshah Tatiri Song Controversy: टटीरी' की धुन पर कानूनी शिकंजा: बादशाह की बढ़ीं मुश्किलें

AAmandeep Singh
टटीरी' की धुन पर कानूनी शिकंजा: बादशाह की बढ़ीं मुश्किलें
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हरियाणा। चकाचौंध भरी म्यूजिक इंडस्ट्री में अक्सर विवादों से नाता रखने वाले रैपर आदित्य सिसौदिया उर्फ बादशाह एक बार फिर मुश्किलों में हैं। उनके हालिया रिलीज गाने ‘टटीरी’ ने न केवल सोशल मीडिया पर बहस छेड़ी है, बल्कि अब संवैधानिक संस्थाओं की रडार पर भी आ गया है। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस गाने के फिल्मांकन के तरीके को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। आयोग का मानना है कि वीडियो में जिस तरह महिला कलाकारों को स्कूल ड्रेस में ‘बोल्ड’ डांस करते दिखाया गया है, वह समाज और खासकर स्कूली बच्चों की मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।

स्कूल ड्रेस और रोडवेज बस: आयोग के चार तीखे सवाल

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आयोग ने केवल आपत्ति ही दर्ज नहीं की, बल्कि बादशाह और निर्देशकों (महावीर सिंह संधू व जोबन संधू) को नोटिस भेजकर चार बिंदुओं पर जवाब तलब किया है। आयोग ने पूछा है: कलाकारों की आयु का सच: वीडियो में स्कूल ड्रेस पहनकर डांस करने वाली महिला कलाकारों की वास्तविक उम्र क्या है? यदि इनमें से कोई भी 18 वर्ष से कम है, तो क्या उनके अभिभावकों से लिखित सहमति ली गई थी?

सुरक्षा मानक: क्या शूटिंग के दौरान बाल श्रम और बाल सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन किया गया?

सरकारी संपत्ति का उपयोग: जींद रोडवेज की बस की छत पर चढ़कर डांस करने के लिए क्या परिवहन विभाग से लिखित अनुमति ली गई थी?

स्कूल की गरिमा: जींद के सच्चा खेड़ा स्कूल को वीडियो में दिखाने के लिए क्या शिक्षा विभाग से एनओसी (NOC) ली गई थी?

शिक्षा और बच्चों की छवि पर प्रहार

आयोग को मिली शिकायतों में कहा गया है कि वीडियो में कलाकारों को स्कूल बैग फेंकते हुए और पढ़ाई के प्रति लापरवाह दिखाया गया है। स्कूल बस पर चढ़कर डांस करना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह अनुशासनहीनता को भी बढ़ावा देता है। आयोग की चेयरपर्सन ने स्पष्ट किया है कि कला के नाम पर शिक्षा के मंदिरों और स्कूल यूनिफॉर्म की गरिमा को ठेस पहुंचाने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर गायक और उनकी टीम ने इन सवालों के तकनीकी और तार्किक जवाब नहीं दिए, तो आयोग सख्त कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

विवादों से पुराना नाता

यह पहली बार नहीं है जब बादशाह के बोल या वीडियो चर्चा का विषय बने हों। हालांकि, इस बार मामला बच्चों और शिक्षा व्यवस्था की छवि से जुड़ा होने के कारण गंभीर माना जा रहा है। पानीपत और जींद के इलाकों में इस गाने को लेकर विरोध के स्वर पहले से ही उठ रहे थे। अब देखना यह होगा कि ‘बादशाह’ की टीम आयोग के इन तीखे सवालों का क्या जवाब देती है या फिर उन्हें इस ‘टटीरी’ के लिए कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।

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