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Haryana vs Uttarakhand tourist controversy: 'हरियाणा का नाम सुनते ही मारी लाठी', यमुनानगर के राघव ने उत्तराखंड विवाद पर रखा अपना पक्ष

GGaganpreet Kaur
'हरियाणा का नाम सुनते ही मारी लाठी', यमुनानगर के राघव ने उत्तराखंड विवाद पर रखा अपना पक्ष
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यमुनानगर। उत्तराखंड के तुंगनाथ धाम यात्रा मार्ग पर हरियाणा के एक टूरिस्ट को भीड़ द्वारा बंधक बनाकर जमीन पर बिठाने का जो वीडियो वायरल हुआ था, उस मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। इस घटना के केंद्र में रहे यमुनानगर के सिटी सेंटर निवासी 19 वर्षीय राघव ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा है। राघव का दावा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो कहानी का सिर्फ एक हिस्सा दिखाता है, जबकि असलियत यह है कि उनके हरियाणा के रहने वाले होने की बात पता चलते ही स्थानीय लोग उग्र हो गए थे। यह मामला इसलिए भी गरमाया हुआ है क्योंकि कुछ दिन पहले ही ऋषिकेश में कैथल के दो युवकों की पिटाई के बाद हरियाणा में ‘बॉयकॉट उत्तराखंड’ का ट्रेंड चल रहा था।

ऑनलाइन पेमेंट की बहस में कूदने पर बढ़ा विवाद

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राघव ने बताया कि वह अकेले ही तुंगनाथ धाम की ट्रैकिंग पर निकले थे। शनिवार, 6 जून को जब वह प्रसाद लेकर मंदिर की चढ़ाई चढ़ रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि एक खच्चर चालक और किसी अज्ञात टूरिस्ट के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर तीखी बहस हो रही थी। पहाड़ी इलाका होने के कारण मोबाइल नेटवर्क गायब था, जिससे वह टूरिस्ट ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पा रहा था। जब राघव को आभास हुआ कि परेशान हो रहा सैलानी भी हरियाणा का ही है, तो वह इंसानियत के नाते बीच-बचाव करने के लिए वहां रुक गए।

“हरियाणा का है तो क्या कर लेगा..” और चल गई लाठी

राघव का आरोप है कि उनके दखल देते ही खच्चर चालक ने उनका पता पूछा। जैसे ही उन्होंने बताया कि वह हरियाणा के यमुनानगर से हैं, तो सामने वाले ने तंज कसते हुए कहा, “हरियाणा से है तो क्या कर लेगा।” इसके तुरंत बाद उस व्यक्ति ने राघव पर लाठी से सीधा हमला कर दिया। राघव ने अपनी सफाई में कहा कि अचानक हुए इस हमले से घबराकर उन्होंने खुद को बचाने के लिए हाथ आगे किया, जिससे उनके हाथ में पहना भारी स्टील का कड़ा सामने वाले को जा लगा। इसके बाद पलक झपकते ही वहां स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

वीडियो बनाकर जमीन पर बिठाया, अब खौफ में युवक

घटना के तुरंत बाद का जो वीडियो सामने आया, उसमें राघव सिर झुकाकर जमीन पर बैठे दिख रहे हैं और चारों तरफ से भीड़ उन्हें घेरे हुए है। वीडियो बना रहा शख्स जमीन पर गिरा खून और राघव का कड़ा दिखाते हुए उन पर एकतरफा हमले का आरोप लगा रहा है। वीडियो में लोग यह कहते भी सुने जा सकते हैं कि ऐसे हुड़दंगी टूरिस्टों का पहाड़ों में आना बंद होना चाहिए।

राघव ने बताया कि मौके पर पहुंची ऊखीमठ पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई थी, जहां मामले की गंभीरता को देखते हुए आपसी समझौता करा दिया गया। हालांकि, इस हादसे के बाद से राघव बेहद डरे हुए हैं। यमुनानगर स्थित अपने घर लौटने के बाद उन्होंने अपना फोन बंद कर लिया है और मानसिक तनाव में हैं, क्योंकि इसी साल उन्हें कॉलेज में दाखिला भी लेना है।

स्थानीय निवासियों ने जताई नाराजगी, कहा- देवभूमि की छवि खराब न करें

दूसरी तरफ, उत्तराखंड के स्थानीय समाज में इस घटना को लेकर खासा रोष है। स्थानीय निवासी राजेश नेगी का कहना है कि चारधाम जैसी पवित्र और धार्मिक यात्राओं के दौरान इस तरह की हिंसक वारदातें कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। उन्होंने कहा कि कुछ पर्यटकों का ऐसा व्यवहार न केवल स्थानीय कारोबारियों की सुरक्षा को खतरे में डालता है, बल्कि देवभूमि की छवि और धार्मिक मर्यादा को भी ठेस पहुंचाता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाए ताकि भविष्य में ऐसी नौबत न आए।

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