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1 June Rules Change: 1 जून से बदल जाएंगे ये 5 बड़े नियम, क्रेडिट कार्ड से लेकर शेयर बाजार तक पड़ेगा असर

GGaganpreet Kaur
1 जून से बदल जाएंगे ये 5 बड़े नियम, क्रेडिट कार्ड से लेकर शेयर बाजार तक पड़ेगा असर
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Credit Card Rewards Change: मई का महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और नए महीने की दस्तक के साथ ही देश की वित्तीय व्यवस्था में कई बड़े कानूनी और व्यावहारिक फेरबदल होने जा रहे हैं. 1 जून 2026 से लागू होने वाले ये नए नियम आम उपभोक्ताओं, नौकरीपेशा लोगों और निवेशकों की जेब पर सीधा असर डालेंगे. सरकार और वित्तीय नियामकों (Regulators) का तर्क है कि इन बदलावों से देश की आर्थिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जोखिम मुक्त बनाया जा सकेगा. हालांकि, जानकारी के अभाव में अंतिम समय पर इन नियमों के चलते आम लोगों के जरूरी काम अटक सकते हैं या उन्हें पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है.

क्रेडिट कार्ड यूजर्स को झटका: रिवॉर्ड्स और फ्री बेनेफिट्स में कटौती

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अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं, तो जून से आपको अपनी खर्च करने की आदतों को थोड़ा बदलना होगा. देश के कई बड़े सरकारी और निजी बैंक अपने क्रेडिट कार्ड के नियमों और विभिन्न शुल्कों (Fees) की समीक्षा कर उन्हें महंगा करने जा रहे हैं. अब तक कार्ड्स पर मिलने वाले कई मुफ्त बेनेफिट्स या तो बंद कर दिए जाएंगे या उनके लिए अतिरिक्त चार्ज वसूला जाएगा. सबसे बड़ा बदलाव क्रेडिट कार्ड के जरिए होने वाले रेंट पेमेंट (किराया भुगतान), बिजली-पानी जैसे यूटिलिटी बिलों और फ्यूल (ईंधन) पर मिलने वाले डिस्काउंट व रिवॉर्ड पॉइंट्स की पॉलिसी में देखने को मिलेगा, जिन्हें अब काफी कड़ा किया जा रहा है.

सेबी का नया चाबुक: कम पैसों में बड़ी ट्रेडिंग करने वालों की खैर नहीं

शेयर बाजार में कम पूंजी लगाकर बड़ा दांव खेलने वाले सटोरियों और रिटेल निवेशकों के लिए सेबी (SEBI) नए मार्जिन नियम (Margin Norms) लागू करने जा रहा है. बाजार में बढ़ते जोखिम को कम करने और छोटे निवेशकों की पूंजी सुरक्षित रखने के लिए उठाए जा रहे इस कदम के बाद अब इंट्राडे ट्रेडिंग और डेरिवेटिव्स (F&O) सेगमेंट में अधिक कैश बैलेंस या मार्जिन बनाए रखना अनिवार्य होगा. अब तक कम पैसों में अधिक लेवरेज (उधार) लेकर ट्रेडिंग करने वाले ब्रोकर्स और निवेशकों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं, क्योंकि मार्जिन शॉर्टफॉल होने पर सीधे पेनाल्टी का प्रावधान किया जा रहा है।

टैक्सपेयर्स के लिए नई गाइडलाइंस, टीडीएस नियमों में सख्ती

टैक्सपेयर्स के लिए भी जून का महीना नई चुनौतियां और जिम्मेदारियां लेकर आ रहा है. नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत टैक्स दस्तावेजों और रिपोर्टिंग के तरीकों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं, जिसके बाद ITR दाखिल करने वालों को अपनी आय और निवेश के ब्योरे को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा. इसके साथ ही टीडीएस (TDS) कटौती और टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट्स की समयसीमा को लेकर भी विभाग की ओर से नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं, जिनका पालन न करने पर रिफंड अटकने या नोटिस आने का खतरा बढ़ जाएगा।

जुर्माने से बचना है तो समय रहते निपटा लें ये जरूरी काम

इन सभी बदलावों के बीच आम जनता को किसी भी तरह के नुकसान या कानूनी जुर्माने से बचने के लिए अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपने कुछ बेहद जरूरी काम समय पर निपटाने होंगे. इसमें सबसे महत्वपूर्ण है बैंक खातों का केवाईसी (KYC) अपडेट कराना, क्रेडिट कार्ड के बकाए का समय पर भुगतान करना और नए नियमों के अनुसार अपने डीमैट खाते की सेटिंग्स और नॉमिनेशन की जांच करना. अगर आप इन कामों को 1 जून से पहले पूरा नहीं करते हैं, तो आपके बैंक खाते फ्रीज हो सकते हैं या ट्रांजैक्शन रुक सकते हैं.

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