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Vinesh Phogat WFI Controversy: विनेश फोगाट के समर्थन में उतरीं साक्षी मलिक, WFI से पूछा- क्या मां बनने के बाद वापसी मना है?

GGaganpreet Kaur
विनेश फोगाट के समर्थन में उतरीं साक्षी मलिक, WFI से पूछा- क्या मां बनने के बाद वापसी मना है?
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पानीपत। हरियाणा की धरती से निकले दो दिग्गज पहलवान एक बार फिर सिस्टम के खिलाफ लामबंद नजर आ रहे हैं। रेसलर विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के बीच छिड़ा कानूनी और प्रक्रियात्मक विवाद अब भावनात्मक मोड़ ले चुका है। मंगलवार को रियो ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर विनेश का पक्ष लिया। साक्षी ने सीधे तौर पर फेडरेशन की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या हमारे देश में महिलाओं के लिए मां बनने के बाद खेल के मैदान में वापसी करना गुनाह है? उन्होंने प्रधानमंत्री और खेल मंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए विनेश के लिए ट्रायल आयोजित करने की अपील की है।

“नियम खिलाड़ियों को खत्म करने के लिए नहीं, निखारने के लिए होने चाहिए”

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साक्षी मलिक ने अपने वीडियो में विदेशी खेल संघों का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया भर में फेडरेशन अपने एथलीटों के लिए नियम आसान बनाते हैं ताकि वे मातृत्व के बाद भी देश के लिए मेडल जीत सकें। साक्षी का आरोप है कि भारतीय कुश्ती महासंघ ने जानबूझकर ऐन मौके पर ऐसे नियम लागू किए हैं, जिससे विनेश फोगाट की वापसी की राह में रोड़े अटकाए जा सकें। उन्होंने कहा कि खेल जगत में ऐसा उदाहरण पेश किया जाना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश मिले कि मां बनने के बाद भी भारत की बेटियां तिरंगा लहरा सकती हैं।

नोटिस की राजनीति और विनेश का जवाब

विवाद की पटकथा तब शुरू हुई जब 4 मई को इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने विनेश को डोप टेस्ट में शामिल न होने पर नोटिस थमाया। फेडरेशन का दावा है कि विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए अनिवार्य 6 महीने पहले की सूचना नहीं दी, जो नियमों का उल्लंघन है। इसी आधार पर उन पर 26 जून तक घरेलू प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, विनेश फोगाट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विनेश का कहना है कि उन्होंने यात्रा और व्यस्तता की जानकारी पहले ही दे दी थी और फेडरेशन उनकी ‘लीव’ (छुट्टी) को गलत तरीके से पेश कर रहा है।

सांस्कृतिक चेतना और खेल का भविष्य

विनेश ने स्पष्ट किया है कि वह 14 दिनों के भीतर सबूतों के साथ फेडरेशन के नोटिस का जवाब देंगी। लेकिन इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर खिलाड़ियों और संघ के बीच अविश्वास की खाई को चौड़ा कर दिया है। साक्षी मलिक का समर्थन मिलना विनेश के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि दोनों ने पहले भी कुश्ती के सुधार के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। अब सबकी निगाहें खेल मंत्रालय पर टिकी हैं कि क्या विनेश को अपनी काबिलियत साबित करने के लिए ट्रायल का मौका मिलता है या नियमों की पेचीदगियां एक चैंपियन खिलाड़ी के करियर पर विराम लगा देंगी।

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