Shardiya Navratri Day 5: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व अपनी पूरी दिव्यता के साथ आगे बढ़ रहा है और आज 15 अक्टूबर 2026 को इसका पांचवां दिन है। आज का दिन माता दुर्गा के पांचवें स्वरूप देवी स्कंदमाता की उपासना के लिए पूरी तरह समर्पित माना गया है। भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजी जाने वाली देवी स्कंदमाता की आराधना करने से भक्तों के जीवन में खुशियों का वास होता है। सनातन संस्कृति में इन नौ दिनों के दौरान हर दिन के खास रंगों का बहुत महत्व है, जो तन और मन दोनों को ऊर्जावान बनाते हैं।
मां स्कंदमाता को प्रिय है पीला रंग
धार्मिक परंपराओं के अनुसार नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता को प्रसन्न करने के लिए विशेष रूप से पीले रंग के वस्त्र धारण किए जाते हैं। आप आज पूजा के दौरान पीले रंग के कपड़े पहनकर मां को पीले फूल, फल और मिठाइयां अर्पित कर सकते हैं। माता रानी को यह रंग देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है और उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और अच्छी सेहत के लिए भी इस दिन विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं।
पीले रंग का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पीले रंग को सुख-समृद्धि, शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस रंग के कपड़े पहनने से मन शांत रहता है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। व्यक्ति पर नकारात्मक ऊर्जा कभी हावी नहीं हो पाती और वह खुद को तरोताजा महसूस करता है। इसके अलावा पीले रंग को जगत के पालनहार भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का प्रिय रंग भी कहा जाता है।
पीले रंग के विकल्प में पहनें सफेद वस्त्र
यदि आपके पास आज पहनने के लिए पीले रंग के वस्त्र उपलब्ध नहीं हैं, तो परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है। आप इस पावन दिन पर सफेद रंग के कपड़े भी पहन सकते हैं, जो मां स्कंदमाता को बेहद प्रिय हैं। सफेद रंग शुद्धता, पवित्रता और शांति का प्रतीक माना जाता है। इस रंग के उपयोग से चित्त को शांति मिलती है और चारों तरफ सकारात्मकता का माहौल बनता है।
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