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Sirsa News: सिरसा फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला: दहेज हत्या के दोषी फकीर चंद को 14 साल की जेल, 1 लाख जुर्माना

GGaganpreet Kaur
सिरसा फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला: दहेज हत्या के दोषी फकीर चंद को 14 साल की जेल, 1 लाख जुर्माना
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सिरसा। समाज में कैंसर की तरह फैल चुके दहेज रूपी दानव पर सिरसा की एक अदालत ने कड़ा प्रहार किया है। सिरसा के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार सिंघल की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपनी जीवनसंगिनी को दहेज की बलिवेदी पर चढ़ाने वाले एक कलयुगी पति को कानून का कड़ा पाठ पढ़ाया है। अदालत ने आरोपी पति फकीर चंद को अपनी पत्नी की संदिग्ध हालात में हुई मौत और प्रताड़ना का मुख्य दोषी मानते हुए 14 साल के कठोर कारावास (सश्रम कैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, न्याय की तराजू को मजबूत करते हुए दोषी पर एक लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोंका गया है।

2021 में डबवाली के गांव में बुझ गया था घर का चिराग, परिजनों ने लगाए थे संगीन आरोप

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इस पूरे मामले की कड़ियां साल 2021 से जुड़ती हैं। पुलिस प्रवक्ता से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 30 जुलाई 2021 को डबवाली सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव से चीख-पुकार उठी थी। यहाँ एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष और मुख्य रूप से पति फकीर चंद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। परिजनों का सीधा और गंभीर आरोप था कि शादी के बाद से ही फकीर चंद कम दहेज लाने को लेकर उनकी बेटी को शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहा था और इसी लालच के चलते उसने उनकी बेटी की जान ले ली।

डबवाली पुलिस की मुस्तैदी और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने घेरा, नहीं बच सका आरोपी

मायके पक्ष की लिखित शिकायत मिलते ही डबवाली सदर थाना पुलिस ने बिना किसी देरी के आईपीसी की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश की कमान संभाली थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने जमीनी स्तर पर जाकर गहन और निष्पक्ष जांच शुरू की। पुलिस ने न केवल घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए, बल्कि आसपास के ग्रामीणों और मृतका के करीबियों के बयान भी कलमबद्ध किए। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने फकीर चंद को सलाखों के पीछे भेजा और समय सीमा के भीतर अदालत में एक मजबूत चालान (चार्जशीट) पेश किया।

अदालत में ढह गया बचाव पक्ष का किला, न्याय की हुई जीत

मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान सरकारी वकील और डबवाली थाना पुलिस की पैरवी टीम ने अदालत के समक्ष कूट रचित और चश्मदीद सबूतों की ऐसी मजबूत श्रृंखला पेश की, जिसे दोषी फकीर चंद का बचाव पक्ष का वकील चाहकर भी नहीं तोड़ सका। न्यायाधीश नरेश कुमार सिंघल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पुलिस द्वारा जुटाए गए अकाट्य सबूतों को देखने के बाद फकीर चंद को दोषी करार दिया।

अदालत ने साफ किया कि जो शख्स अपनी पत्नी की रक्षा नहीं कर सकता और लालच में उसकी जान का दुश्मन बन जाता है, वह समाज में किसी भी सहानुभूति का हकदार नहीं है। इस फैसले के बाद मृतका के परिजनों ने न्यायपालिका के प्रति आभार जताया है, वहीं डबवाली पुलिस के इस पेशेवर तालमेल की भी सराहना की जा रही है।

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