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Sirsa Crime News: सिरसा में मासूमियत से खिलवाड़: 3 साल की बच्ची के आपत्तिजनक वीडियो वायरल, मामा-मामी पर कोर्ट के आदेश से FIR

AAmandeep Singh
सिरसा में मासूमियत से खिलवाड़: 3 साल की बच्ची के आपत्तिजनक वीडियो वायरल, मामा-मामी पर कोर्ट के आदेश से FIR
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सिरसा। डिजिटल दुनिया की चकाचौंध और सोशल मीडिया से ‘रातों-रात’ अमीर बनने की हसरत ने रिश्तों की मर्यादा को ताक पर रख दिया है। सिरसा के ऐलनाबाद क्षेत्र में एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है, जिसने बाल अधिकारों और सोशल मीडिया एथिक्स पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक साढे़ तीन साल की बच्ची की मासूमियत को चंद लाइक्स और रुपयों के लिए ढाल बनाया गया। पीड़ित पिता की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब ऐलनाबाद पुलिस ने बच्ची के ननिहाल पक्ष के चार सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

ननिहाल की अभिरक्षा में बनी ‘सोशल मीडिया स्टार’, पिता ने लगाए गंभीर आरोप

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मामले की जड़ें साल 2022 से जुड़ी हैं। पीड़ित पिता के अनुसार, पत्नी की मृत्यु के बाद उपजे विवाद के चलते चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने उनकी छोटी बेटी की कस्टडी नाना-नानी को सौंप दी थी। पिता का आरोप है कि वहां बच्ची के मामा राधाकृष्ण, मामी सोनू उर्फ नीलम और अन्य परिजनों ने उसे अपनी कमाई का जरिया बना लिया। बच्ची को भारी मेकअप और अनुचित श्रृंगार कराकर ऐसी भाव-भंगिमाओं वाले वीडियो शूट किए गए, जो एक मासूम की उम्र और गरिमा के विपरीत थे। इन वीडियो को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अलग-अलग फर्जी नामों से वायरल किया गया।

व्यूज और विज्ञापन से ‘आर्थिक लाभ’ का खेल

शिकायतकर्ता ने अदालत में दलील दी कि इन वीडियो और रील्स के जरिए न केवल बच्ची की असली पहचान छिपाई गई, बल्कि उन पेजों पर आने वाले विज्ञापनों और सब्सक्रिप्शन से लाखों रुपये का आर्थिक लाभ कमाया गया। पिता ने इसे ‘डिजिटल शोषण’ करार देते हुए कहा कि इससे बच्ची के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य को भारी क्षति पहुंची है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) तक शिकायत पहुंचने और पुलिस की शुरुआती ढिलाई के बाद, मामला अदालत पहुंचा।

कोर्ट की सख्ती के बाद जागी पुलिस

ऐलनाबाद के एसडीजेएम (SDJM) आशीष आर्य की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। पुलिस ने अब आरोपी राधाकृष्ण, सोनू उर्फ नीलम, हनुमान और सिलोचना के खिलाफ आईटी एक्ट और जेजे एक्ट की सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से उन अकाउंट्स की डिटेल मांगी जा रही है, जहां ये वीडियो अपलोड किए गए थे। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन वीडियो के जरिए कितनी कमाई की गई।

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