Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Sirsa Rape Case: सिरसा दुष्कर्म केस: स्कूल के छात्र पर छठी कक्षा की छात्रा से दरिंदगी का आरोप, मचा बवाल

AAmandeep Singh
सिरसा दुष्कर्म केस: स्कूल के छात्र पर छठी कक्षा की छात्रा से दरिंदगी का आरोप, मचा बवाल
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

सिरसा। सिरसा जिले के कालांवाली इलाके में कानून और प्रशासन की असंवेदनशीलता का एक काला चेहरा उजागर हुआ है। एक मां अपनी शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की शिकायत लेकर रात भर बड़ागुढ़ा थाना और सिरसा नागरिक अस्पताल के गलियारों में भटकती रही। लेकिन किसी भी अधिकारी या डॉक्टर ने उसकी चीखें सुनने तक की जहमत नहीं उठाई। इस बच्ची के साथ उसी के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र ने दुष्कर्म जैसा घिनौना अपराध किया है।

पुलिस की संवेदनहीनता, सिस्टम बना तमाशा

विज्ञापन

पीड़िता की मां ने मीडिया के सामने फफकते हुए बताया कि उसने मदद के लिए 112 नंबर पर भी कॉल किया था। वहां से उसे जो जवाब मिला, उसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। उसे कहा गया कि वे इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। इसके बाद जब वह बड़ागुढ़ा थाने पहुंची, तो वहां भी उसकी बात अनसुनी कर दी गई। एक बेबस मां पूरी रात अपनी बेटी को सीने से लगाए न्याय की भीख मांगती रही, लेकिन उसे केवल निराशा हाथ लगी।

मीडिया के हस्तक्षेप से जागृत हुआ प्रशासन

जब हर तरफ से दरवाजे बंद हो गए, तो पीड़िता की मां ने मीडिया की शरण ली। पत्रकारों ने तुरंत इस मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस कप्तान (SP) के कार्यालय और सीआईडी को घटना की जानकारी दी। इसके बाद अचानक प्रशासन में हलचल मच गई। सूचना मिलते ही बड़ागुढ़ा पुलिस ने सक्रियता दिखाई और पीड़िता व उसकी मां को संपर्क कर थाने बुलाया। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को सुरक्षा में लिया और आधिकारिक कार्रवाई शुरू की।

जांच अधिकारी का बयान, मेडिकल प्रक्रिया शुरू

इस मामले में जांच अधिकारी प्रीती ने सफाई देते हुए कहा कि पुलिस सुबह से ही परिजनों की तलाश कर रही थी। उन्होंने बताया कि अब मां के बयानों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल बच्ची का मेडिकल परीक्षण करवा रही है ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। यह घटना एक बार फिर पुलिस प्रशासन के उस दावों पर सवालिया निशान लगाती है, जिसमें वे हर समय नागरिकों की सुरक्षा और मदद के लिए तत्पर होने की बात करते हैं।

विज्ञापन

सिरसा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।