हरियाणा। हरियाणा के सिरसा जिले से कुदरत के कहर की एक ऐसी खौफनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को सख्ते में डाल दिया है। वीरवार की रात शहर के बाहरी छोर पर स्थित भम्भूर खुर्द गांव में आए एक भयंकर बवंडर ने देखते ही देखते पूरे इलाके को मलबे और राख के ढेर में तब्दील कर दिया। तेज आंधी के साथ आई इस आसमानी आफत ने गांव के करीब 5 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि घरों के भीतर मौजूद लोगों ने समय रहते बाहर की तरफ दौड़ लगा दी, जिससे इंसानी जान का नुकसान होने से बच गया।
‘आसमान से आया आग का गोला’— चश्मदीदों ने बयां किया मंजर
इस दिल दहला देने वाली घटना को लेकर भम्भूर खुर्द के ग्रामीणों में अब भी दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रात के समय अचानक पश्चिमी दिशा से तेज घूमती हुई हवाओं का एक बवंडर उठा, जो देखने में बिल्कुल किसी ‘आग के गोले’ जैसा लग रहा था। इस बवंडर की रफ्तार और ताकत इतनी ज्यादा थी कि इसने रास्ते में आने वाले एक बड़े पशुबाड़े की टिन की छत को उखाड़कर हवा में दूर फेंक दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बवंडर की चिंगारियों ने घरों और बाड़े को चारों तरफ से घेर लिया।
खूंटे पर बंधे रह गए मवेशी, चारा भी जलकर हुआ स्वाहा
इस भयावह अग्निकांड में सबसे दर्दनाक हादसा पशुबाड़े में हुआ। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि वहां खूंटे पर बंधे 6 दुधारू मवेशियों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वे जिंदा जल मरे। बेजुबान जानवरों की चीख-पुकार के बीच पूरा गांव उन्हें बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन आग की भीषण तपिश के आगे किसी की एक न चली। इसके साथ ही बाड़े में जमा करके रखी गई करीब 50 से 60 क्विंटल तूड़ी (सूखा चारा) भी जलकर पूरी तरह खाक हो गई, जिससे किसानों के सामने अब बचे हुए मवेशियों के चारे का संकट खड़ा हो गया है।
घटना का वीडियो वायरल, सरकारी मदद की गुहार
हादसे के बाद शुक्रवार को प्रशासनिक अमले ने भी नुकसान का जायजा लेने के लिए गांव का दौरा किया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें बवंडर के बाद उठती आग की गगनचुंबी लपटें साफ देखी जा सकती हैं। पीड़ित परिवारों का इस हादसे में सब कुछ उजड़ गया है। बेघर हुए ग्रामीणों और किसान परिवारों ने सरकार से मुआवजा देने और मृत पशुओं के एवज में आर्थिक सहायता मुहैया कराने की गुहार लगाई है ताकि वे अपने आशियाने को दोबारा खड़ा कर सकें।

