Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Rocky Modified Tractor: सोनीपत के रॉकी का देसी जुगाड़: ट्रैक्टर में सनरूफ और किचन, अब नेपाल जाने की तैयारी

AAmandeep Singh
सोनीपत के रॉकी का देसी जुगाड़: ट्रैक्टर में सनरूफ और किचन, अब नेपाल जाने की तैयारी
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। हरियाणा के सोनीपत की सड़कों पर इन दिनों एक ऐसा ट्रैक्टर दौड़ रहा है जिसे देखकर अच्छे-अच्छे इंजीनियर भी दांतों तले उंगली दबा लें। जिले के युवा किसान रॉकी ने अपने साधारण से ट्रैक्टर को एक आलीशान ‘कारवां’ में तब्दील कर दिया है। खेती-किसानी के काम आने वाली मशीन अब रॉकी के लिए चलता-फिरता घर बन चुकी है। रॉकी का यह जुनून केवल शौक तक सीमित नहीं है, बल्कि वे इस मॉडिफाइड ट्रैक्टर के जरिए देश के कोने-कोने को एक्सप्लोर कर रहे हैं। किस्तों पर खरीदे गए इस ट्रैक्टर को रॉकी ने अपनी मेहनत और कल्पना से एक ऐसा रूप दिया है जो सोशल मीडिया से लेकर सोनीपत के चौपालों तक चर्चा का विषय बना हुआ है।

4 लाख का खर्च और सनरूफ वाली लग्जरी

विज्ञापन

ट्रैक्टर की मॉडिफिकेशन पर करीब 4 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। सबसे दिलचस्प बदलाव इसके केबिन में है, जहां किसी महंगी कार की तरह ‘सनरूफ’ लगाई गई है ताकि पहाड़ों के सफर में कुदरत का नजारा करीब से लिया जा सके। केबिन के अंदर 8 से 10 लोगों के बैठने की जगह बनाई गई है और रात गुजारने के लिए बिस्तर व खाना बनाने के लिए रसोई का भी इंतजाम है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रॉकी ने पीछे के ट्रैफिक पर नजर रखने के लिए केबिन में कैमरे लगवाए हैं। वहीं, पहाड़ों की चढ़ाई और लंबी दूरी के बीच ईंधन की किल्लत न हो, इसके लिए आगे की तरफ 55 लीटर का एक अलग से डीजल टैंक भी फिट करवाया गया है।

दुर्गम रास्तों पर ट्रैक्टर का दम

यह केवल शो-पीस नहीं है, रॉकी ने इस ट्रैक्टर का लोहा हिमाचल के काजा-स्पीति जैसे सबसे कठिन रास्तों पर मनवाया है। चारधाम की ऊंची पहाड़ियों पर भी यह ट्रैक्टर शान से दौड़ चुका है। रॉकी बताते हैं कि उन्हें शुरू से ही कुछ अलग करने का शौक था, इसलिए उन्होंने ट्रैक्टर को ही अपना स्थाई हमसफर बना लिया। अब उनका अगला सपना अपने परिवार के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर नेपाल की यात्रा करना है। हालांकि, मौजूदा वैश्विक हालातों ने उनकी रफ्तार पर थोड़ी ब्रेक लगा दी है।

तेल संकट और नेपाल यात्रा का असमंजस

नेपाल जाने की पूरी योजना तैयार है, लेकिन खाड़ी देशों (Middle East) में चल रहे तनाव ने रॉकी को थोड़ा सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्हें डर है कि अगर युद्ध के हालात बिगड़े तो पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की किल्लत हो सकती है, जिससे लंबी यात्रा के दौरान बीच रास्ते में फंसने का जोखिम रहेगा। रॉकी फिलहाल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर नजर रखे हुए हैं और जैसे ही स्थिति सामान्य होती है, वे अपने इस सनरूफ वाले घर को लेकर नेपाल की वादियों में निकलने के लिए तैयार बैठे हैं।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।