सोनीपत। सोनीपत जिले के गोहाना उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव छपरा में आपसी रंजिश की ऐसी आग धधकी कि किसान की साल भर की मेहनत राख के ढेर में तब्दील हो गई। खेतों के रास्ते को लेकर चल रहे पुराने विवाद ने शुक्रवार को उस समय हिंसक मोड़ ले लिया, जब एक पक्ष ने किसान कर्मबीर की खड़ी गेहूं की फसल में सरेआम आग लगा दी। इस घटना से न केवल कर्मबीर, बल्कि आसपास के अन्य किसानों की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
रास्ते का विवाद और कोर्ट की ‘यथास्थिति’
पीड़ित किसान कर्मबीर ने पुलिस को बताया कि उसके पास करीब 28 कनाल पुश्तैनी जमीन है। जमीन के रास्ते को लेकर उसका अपने ही भतीजे और उसके बेटों के साथ लंबे समय से मनमुटाव चल रहा है। मामला अदालत तक पहुंच चुका है, जहां से कोर्ट ने ‘यथास्थिति’ (Status Quo) बनाए रखने के आदेश दिए हैं। कर्मबीर का आरोप है कि रंजिश के चलते दूसरा पक्ष उसे खेत तक आने-जाने का रास्ता नहीं देता, जिसके चलते उसने फसल कटाई के लिए प्रशासन से भी सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
कंबाइन के सामने ही फसल को फूंका
शुक्रवार को जब कर्मबीर कंबाइन और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर गेहूं काटने खेत पहुंचा, तो विवाद एक बार फिर गहरा गया। आरोप है कि संजीव, ललित और अंकित समेत करीब 22 लोग वहां लाठी-डंडों के साथ पहुंचे। उन्होंने पहले कंबाइन रुकवाई और फिर देखते ही देखते खड़ी फसल में आग लगा दी। तेज हवाओं के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। गनीमत यह रही कि कंबाइन और ट्रैक्टर को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
पड़ोसियों पर भी टूटी आफत, पुलिस ने घेरा गांव
आग की लपटें इतनी बेकाबू थीं कि कर्मबीर के खेत के साथ लगते पड़ोसी किसान सोनू की फसल भी इसकी जद में आ गई। करीब 8 से 10 एकड़ में गेहूं के फाने और खड़ी फसल जलकर खाक हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। डायल-112 की सूचना पर बरोदा थाना पुलिस भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और मुआयना किया। पुलिस ने कर्मबीर की शिकायत पर 22 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।

