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Sonipat Municipal Corporation: सोनीपत में सफाईकर्मियों का 'कूड़ा प्रदर्शन', निगम दफ्तर के बाहर गंदगी डाल प्रशासन को ललकारा

AAmandeep Singh
सोनीपत में सफाईकर्मियों का 'कूड़ा प्रदर्शन', निगम दफ्तर के बाहर गंदगी डाल प्रशासन को ललकारा
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सोनीपत। सोनीपत की सड़कों पर पिछले कई दिनों से पसरी गंदगी अब नगर निगम के दफ्तर तक पहुंच गई है। अपनी मांगों को लेकर सरकार से लोहा ले रहे सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को विरोध का ऐसा तरीका अपनाया कि पूरा रेलवे रोड बदबू और जाम की चपेट में आ गया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर लाए गए कूड़े को नगर निगम के मुख्य द्वार पर पलट दिया गया। इस प्रदर्शन ने न केवल शहर की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि कर्मचारी अब ‘करो या मरो’ की स्थिति में हैं।

“मरेंगे या मारेंगे, पर झुकेंगे नहीं”— महिला प्रधान के बिगड़े बोल

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आंदोलन का नेतृत्व कर रही महिला प्रधान ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा, “सरकार हमारी सहनशक्ति की परीक्षा ले रही है। अब हम चुप नहीं बैठेंगे। या तो हमारी मांगें पूरी होंगी, या फिर हम इसी तरह शहर को सड़ा देंगे। हम मरने और मारने को तैयार हैं, लेकिन हक लिए बिना पीछे नहीं हटेंगे।” कर्मचारियों का गुस्सा इस बात को लेकर है कि बार-बार के आश्वासनों के बावजूद उन्हें सिर्फ तारीखें मिली हैं, समाधान नहीं।

भेदभाव का आरोप: “पक्के को मदद, कच्चे को क्यों नहीं?”

प्रदर्शनकारियों ने फरीदाबाद में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले दो कर्मचारियों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। यूनियन नेताओं का आरोप है कि सरकार ने केवल पक्के कर्मचारी के परिवार को आर्थिक मदद दी, जबकि कच्चे कर्मचारी के परिवार को दरकिनार कर दिया गया। कर्मचारियों ने मांग की है कि दोनों ही परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। ‘समान काम-समान वेतन’ और ठेका प्रथा के खात्मे की मांग को लेकर कर्मचारी अड़े हुए हैं।

फायर कर्मचारियों का साथ और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

हड़ताल की तपिश अब राजनीतिक गलियारों तक भी पहुंच रही है। सफाई कर्मचारियों ने आगामी नगर निगम चुनावों के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पिछले 34 दिनों से धरने पर बैठे फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के समर्थन में भी खड़े हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगें नहीं मानी जातीं, वे न तो शहर का कूड़ा उठाएंगे और न ही सरकार को चैन से बैठने देंगे।

बेबस प्रशासन और परेशान जनता

निगम कार्यालय के बाहर डंप किए गए कूड़े के कारण रेलवे रोड पर आवाजाही पूरी तरह ठप रही। बदबू इतनी भीषण थी कि वहां से गुजरना दूभर हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और कर्मचारियों की इस लड़ाई में आम जनता पिस रही है। उधर, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, लेकिन कर्मचारियों के उग्र तेवरों के आगे उनकी एक न चली। फिलहाल, सोनीपत में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है और आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है।

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