Sonipat News: हरियाणा के सोनीपत जिले में एक बार फिर रिहायशी इलाके में चल रहे बारूद के अवैध काले कारोबार की पोल खुली है। गांव रोहट में किराए का कमरा लेकर चलाए जा रहे अवैध पटाखा कारखाने पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक धावा बोला। मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, पोटाशियम क्लोराइड और सैकड़ों तैयार सुतली बम बरामद किए गए हैं। घनी आबादी के बीच चल रहे इस खतरनाक खेल का समय रहते भंडाफोड़ होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
सीएम फ्लाइंग और फायर ब्रिगेड की संयुक्त रेड, मौके से आरोपी गिरफ्तार
सोनीपत सीएम फ्लाइंग को सोमवार रात गुप्त सूचना मिली थी कि रोहट गांव के एक मकान में विस्फोटक जमा कर अवैध तरीके से बम-पटाखे तैयार किए जा रहे हैं। खबर मिलते ही निरीक्षक रोहताश सिंह, सब फायर ऑफिसर विनोद कुमार, एएसआई राजेश कुमार और महिला सिपाही सीमा की टीम गठित कर गांव में सतीश नामक व्यक्ति के मकान पर दबिश दी गई। पहली मंजिल पर बने कमरे में तलाशी के दौरान बाबा कॉलोनी निवासी पवन रंगे हाथों पकड़ा गया, जो उस समय पटाखों में बारूद भरने का काम कर रहा था।
700 से ज्यादा सुतली बम, पोटाश से भरे अखबार के रोल और लोहे की नाल ज़ब्त
कमरे का नजारा देख टीम के सदस्य भी हैरान रह गए। जांच में 715 बिना मार्का और बिना बत्ती वाले सुतली बम, 5 हाइड्रो सुतली बम, 3 बड़े सुतली बम और 35 नाल के गोला बम मिले। इसके अलावा 553 अखबार के रोल बरामद हुए, जिनमें पोटाशियम क्लोराइड भरा गया था। वजन कराने पर कुल 3 किलो 750 ग्राम पोटाशियम क्लोराइड और करीब 20 इंच लंबी लोहे की नाल मिली। पुलिस टीम ने 150-150 ग्राम के दो सैंपल सील कर बाकी सामग्री को बतौर सबूत कब्जे में ले लिया है।
सुरक्षा के शून्य इंतजाम, रिहायशी इलाके में मौत का सामान
जांच के दौरान आरोपी पवन पटाखा बनाने या विस्फोटक सामग्री रखने का कोई वैध लाइसेंस या फायर विभाग की एनओसी (NOC) पेश नहीं कर सका। जिस कमरे में बारूद का यह जखीरा रखा था, वहां आग पर काबू पाने का एक भी उपकरण मौजूद नहीं था। घनी आबादी के बीच इस तरह बारूद तैयार करना आसपास रहने वाले दर्जनों परिवारों की जान से सीधा खिलवाड़ था। आरोपी के खिलाफ थाना सदर में विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पहले भी हादसों से दहल चुका है सोनीपत, सप्लाई नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
सोनीपत में रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से बारूद जमा करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सितंबर 2024 में खरखौदा के रिढाऊ गांव की अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि अक्टूबर 2023 में शांति विहार में गंधक-पोटाश फटने से पूरा घर स्वाहा हो गया था। फिलहाल पुलिस आरोपी पवन से पूछताछ कर रही है कि वह यह बारूद कहां से लाता था और तैयार पटाखों की सप्लाई किन-किन लोगों को की जानी थी।
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