Sri Akal Takht Sahib | Jeevan Singh Bagichi Wale : सिखों के सर्वोच्च तख्त श्री अकाल तख्त साहिब से एक बड़ा और कड़ा धार्मिक आदेश सामने आया है। श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में एकत्रित हुए पांच सिंह साहिबानों ने जीवन सिंह ‘बगीची वाले’ के धार्मिक उपदेश देने और कीर्तन करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। लंबे समय से जीवन सिंह की ओर से आ रहे विवादास्पद बयानों को लेकर सिख संगत में भारी रोष व्याप्त था, जिस पर संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की गई है।
गुरमत सिद्धांतों और सिख रहत मर्यादा को चुनौती देने का आरोप
अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में आयोजित विशेष बैठक के दौरान जीवन सिंह ‘बगीची वाले’ द्वारा दिए गए बयानों का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया गया। सिंह साहिबानों ने पाया कि उनके द्वारा लगातार गुरबानी, सिख परंपराओं, सिख आचार संहिता (सिख रहत मर्यादा) और सिख इतिहास की गलत व्याख्या की जा रही थी। इतना ही नहीं, उन पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सर्वोपरि गुरुता और गुरमत के मूल सिद्धांतों को चुनौती देने जैसे गंभीर आरोप भी तय किए गए हैं।
सिंह साहिबानों का स्पष्ट संदेश : गुरमत की समझ का अभाव
आदेश जारी करते हुए पांच सिंह साहिबानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जीवन सिंह बगीची वाले को गुरबानी के गूढ़ अर्थों, सिख इतिहास और आचार संहिता की बुनियादी समझ नहीं है। उनके बयानों से सिख संगत की भावनाएं आहत हो रही थीं और सिख विरोधी प्रचार को बढ़ावा मिल रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए पंथक मर्यादा की रक्षा के लिए उनके किसी भी धार्मिक मंच से उपदेश देने या कीर्तन करने पर तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगाने का फैसला लिया गया।
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