Sunil Jakhar। Amit Shah : पंजाब के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर नशा तस्करी और प्रशासनिक भ्रष्टाचार का मुद्दा केंद्र में आ गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने देश के गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य की आप सरकार पर तीखा हमला बोला है। जाखड़ ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि पंजाब में ड्रग्स का कारोबार केवल अपराधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार जेलों और सरकारी तंत्र के भीतर बैठे रसूखदार लोगों से जुड़े हैं। उन्होंने मानसा के हालिया चर्चित मामलों का जिक्र करते हुए केंद्रीय एजेंसियों से इस पूरे नेक्सेस की गहराई से पड़ताल करने की गुहार लगाई है।
Sunil Jakhar ने मानसा की घटना और 2024 के ड्रग इंस्पेक्टर मामले का उठाया मुद्दा
गृह मंत्री को भेजे गए पत्र में जाखड़ ने मानसा की उस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया है, जहां नशे की खुलेआम बिक्री का विरोध करने पर एक युवा एक्टिविस्ट की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले ही राज्य के मुख्य सचिव से जवाब तलब कर चुका है। इसके अलावा, उन्होंने साल 2024 के उस सनसनीखेज मामले की भी याद दिलाई जब मानसा में तैनात रहे एक ड्रग इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया गया था। जांच में यह बात सामने आई थी कि वह अधिकारी जेल के भीतर बैठे तस्करों के साथ मिलकर खुद इस अवैध नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
करोड़ों की बेनामी संपत्ति और गिरफ्तारी के बाद फिर से मलाईदार पोस्टिंग का खेल
पत्र में भ्रष्टाचार के आंकड़ों का हवाला देते हुए जाखड़ ने आरोप लगाया कि जब उस भ्रष्ट अधिकारी पर शिकंजा कसा गया था, तब उसके पास से 24 अलग-अलग बैंक खातों में 7.09 करोड़ रुपये, 1.49 करोड़ रुपये नकद, 260 ग्राम सोना, विदेशी मुद्रा और करोड़ों की अचल संपत्तियों के साथ दो बैंक लॉकर बरामद हुए थे। गंभीर बात यह है कि क्रॉस-बॉर्डर ड्रग नेटवर्किंग जैसे गंभीर आरोपों से घिरे होने के बावजूद, जब उस अधिकारी को जमानत मिली, तो सरकार ने मामले की सीबीआई, एनआईए या ईडी से जांच कराने के बजाय उसे फिर से बहाल कर दिया और मुख्यालय में एक बेहद महत्वपूर्ण पद पर तैनात कर दिया।
जाखड़ की मांग: सीमा पार और राजनीतिक आकाओं का हो पर्दाफाश
सुनील जाखड़ ने गृह मंत्री से मांग की है कि पंजाब में चल रहे इस खतरनाक ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपी जानी चाहिए। उनका कहना है कि यह जांच इस बात पर भी केंद्रित होनी चाहिए कि आखिर किस सियासी और प्रशासनिक शह के दम पर दागी अधिकारियों को बचाया जा रहा है और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े चेहरे छिपे हैं, जिनका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है ताकि पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाया जा सके।

