Tarn Taran ASI Murder: पंजाब के तरनतारन जिले में पुलिसकर्मी की हत्या का मामला सामने आया है। नौशहरा पन्नूआं इलाके में रविवार देर शाम पंजाब पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विभाग में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) इकबाल सिंह की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। वह फिरोजपुर में ड्यूटी पूरी करने के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान लहूका रोड पर पटवारखाने के पास मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया। गोली लगने से इकबाल सिंह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात के बाद हमलावर वहां से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन में हलचल मच गई। पुलिस अधिकारी और जवान घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। इकबाल सिंह नौशहरा पन्नूआं गांव के निवासी थे। वह फिरोजपुर में काउंटर इंटेलिजेंस विभाग में सेवाएं दे रहे थे। रविवार को ड्यूटी खत्म होने के बाद वह घर जाने के लिए निकले थे। रास्ते में उन पर हमला कर दिया गया। वारदात किस वजह से हुई और हमलावरों ने उन्हें ही निशाना क्यों बनाया, इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। पट्टी में गाड़ियों का वजन कराने को लेकर खूनी संघर्ष, चली 15-16 गोलियां
लहूका रोड पर पटवारखाने के पास हुई वारदात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इकबाल सिंह जब नौशहरा पन्नूआं से लहूका रोड पर स्थित पटवारखाने के पास पहुंचे, तभी मोटरसाइकिल सवार अज्ञात लोगों ने उन पर गोलियां चला दीं। अचानक हुए हमले में उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। गोली लगने के बाद वह सड़क पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से निकल गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी। अब पुलिस हमलावरों की पहचान करने, वारदात के पीछे की वजह पता लगाने और आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि हमलावरों की संख्या कितनी थी या उन्होंने कितनी गोलियां चलाईं। ड्यूटी से लौट रहे पुलिस अधिकारी की हत्या ने इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल हत्या के पीछे किसी व्यक्तिगत रंजिश, आपराधिक गिरोह या अन्य वजह की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात की योजना कैसे बनाई गई और इसमें कौन शामिल था।
भतीजे अजमीत की हत्या का मामला भी चर्चा में
ASI इकबाल सिंह के परिवार का नाम इससे पहले उनके भतीजे अजमीत की हत्या के मामले में भी सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अजमीत का नाम सरहाली थाने पर हुए रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) हमले के मामले से जुड़ा था। वह जेल से जमानत पर बाहर आया हुआ था, तभी उसकी हत्या कर दी गई थी। अब इकबाल सिंह की हत्या के बाद अजमीत का मामला भी फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, दोनों हत्याओं के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह, इकबाल सिंह की हत्या में किसी गैंगस्टर गिरोह की संलिप्तता को लेकर भी फिलहाल कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में दोनों घटनाओं को आपस में जोड़कर देखना अभी जल्दबाजी होगी। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट हो सकेगा कि इकबाल सिंह की हत्या के पीछे क्या कारण था और क्या इसका उनके भतीजे अजमीत की हत्या से कोई संबंध है।
पुलिस के सामने अब हमलावरों की पहचान करने और हत्या के कारणों का पता लगाने की चुनौती है। जांच में घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, संभावित गवाहों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, जांच की मौजूदा स्थिति, संदिग्धों की पहचान या गिरफ्तारी को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि इकबाल सिंह रविवार देर शाम ड्यूटी से घर लौट रहे थे, तभी नौशहरा पन्नूआं के लहूका रोड पर पटवारखाने के पास उन पर हमला हुआ। उनकी मौके पर ही मौत हो गई और हमलावर फरार हो गए। हत्या के पीछे की वजह और आरोपियों की पहचान को लेकर अब पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार है।

