Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

नाबालिग के अपहरण, जबरन बाल श्रम और हाथ कटने की घटना पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

VVinita Kohli
नाबालिग के अपहरण, जबरन बाल श्रम और हाथ कटने की घटना पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

चंडीगढ़: हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने नाबालिग किशोर के अपहरण, अवैध रूप से बंधक बनाए जाने, जबरन बाल श्रम कराए जाने और गंभीर रूप से घायल अवस्था में छोड़ दिए जाने के मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है।  जस्टिस ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार पीड़ित संतोष (आयु लगभग 15 वर्ष) का 27 मई 2025 को बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन से अनिल नामक व्यक्ति द्वारा अपहरण किया गया। आरोपी उसे बहला-फुसलाकर उत्तर प्रदेश स्थित अपनी डेयरी में ले गया, जहां उसे लगभग दो माह तक अवैध रूप से बंदी बनाकर रखा गया और पशुओं से संबंधित कार्य जबरन करवाए गए।

विज्ञापन

पुलिस अधीक्षक रेलवे अंबाला कैंट द्वारा 6 जनवरी 2026 को प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि जांच के दौरान आरोपी अनिल कुमार को विधिवत शामिल किया गया और उसने अपराध स्वीकार किया। आरोपी के अनुसार, जब किशोर चारा काट रहा था, तब उसका बायां हाथ मशीन में फंस गया और कोहनी तक कट गया। इस गंभीर दुर्घटना के बाद न तो पीड़ित को चिकित्सीय उपचार दिया गया और न ही किसी प्रकार की सहायता की गई। उलटे आरोपी ने कटे हुए हाथ के टुकड़ों को यमुना नदी में फेंक दिया और घायल बालक को एक सुनसान स्थान पर छोड़ दिया। पीड़ित को 27 जुलाई 2025 को बड़ौली, जिला पलवल में अत्यंत दयनीय अवस्था में पाया गया। 

17 मार्च को होगी सुनवाई 

आयोग ने टिप्पणी की, यह मामला “सतत अपराध की श्रेणी में आता है, जो हरियाणा और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों में फैला हुआ है। आयोग ने यह भी रेखांकित किया कि एफआईआर में उस स्थान का उल्लेख नहीं था, जहां पीड़ित को दो माह तक रखा गया, इसके बावजूद जांच अधिकारी ने कठिन परिस्थितियों में भी घटना स्थल का पता लगाया। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश पुलिस थाना जीआरपी अंबाला कैंट ने अपराधी के ठिकाने तक पहुंचने के लिए की गई कार्रवाई की सराहना की। आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि मानवाधिकार आयोग ने पुलिस अधीक्षक, रेलवे, अंबाला कैंट को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच में तेजी लाई जाए और आगामी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इस गंभीर मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को निर्धारित की गई है। 

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।