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विपक्ष ने ‘जी राम जी विधेयक’ को ग्रामीण रोजगार खत्म करने वाला कदम बताया, भाजपा ने इसकी सराहना की

VVinita Kohli
विपक्ष ने ‘जी राम जी विधेयक’ को ग्रामीण रोजगार खत्म करने वाला कदम बताया, भाजपा ने इसकी सराहना की
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नई दिल्ली: कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक’ पारित होने के बाद इसे ग्रामीण रोजगार खत्म करने वाला विधेयक करार दिया और सरकार पर महात्मा गांधी से ‘नफरत करने’ का आरोप लगाया। दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधेयक की सराहना करते हुए कहा कि इससे जनकल्याण होगा तथा ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। लोकसभा ने बृहस्पतिवार को विपक्ष के विरोध के बीच ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ को पारित कर दिया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस विधेयक से मनरेगा खत्म होने जा रहा है। हम इस विधेयक का पूरी तरह से विरोध करेंगे। इस पर सभी विपक्षी पार्टियां सहमत हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि 100 दिन से 125 दिन की मजदूरी वाली बात सिर्फ एक ‘चालाकी’ है, क्योंकि विधेयक पढ़ने पर किसी को भी यह समझ आ जाएगा कि मनरेगा को खत्म किया जा रहा है। प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘जैसे ही बजट का बोझ राज्य सरकारों पर पड़ेगा, वैसे ही धीरे-धीरे मनरेगा बंद हो जाएगा क्योंकि राज्यों के पास पैसे नहीं हैं।’’

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उनका कहना था कि मनरेगा योजना देश के गरीब से गरीब लोगों के लिए रोजगार का सहारा थी, जो कोरोना महामारी जैसे मुश्किल हालात में भी उनके साथ थी। उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक गरीबों, मजदूरों के खिलाफ है, हम इसका सख्त विरोध करेंगे।’’ समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, ‘‘विधेयक को बिना सहमति के पारित कराया गया। जिस तरह से महात्मा गांधी का नाम हटाया गया, उससे साफ है कि भाजपा के लोग और यह सरकार बापू से नफरत करती है।’’ उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक से अगले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना बेकार हो जाएगी। द्रमुक सांसद कनिमोझि करुणानिधि ने कहा कि यह विधेयक पूरी तरह से ग्रामीण भारत के खिलाफ है और अब केंद्र सरकार यह निर्णय लेगी कि किन लोगों और किन क्षेत्रों के लोगों को रोजगार देना है। उन्होंने कहा कि योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना शर्मनाक है।

वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘करीब 10 घंटे तक (लोकसभा में) चर्चा हुई और विपक्ष को बोलने का मौका दिया गया। लेकिन जब (ग्रामीण विकास मंत्री) शिवराज सिंह चौहान जवाब देने के लिए खड़े हुए तो कांग्रेस पार्टी ने कागज फाड़ना और हंगामा करना शुरू कर दिया। वे सुनने को तैयार नहीं थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्या कांग्रेस पार्टी अब अराजक हो गई है? यही राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी का भविष्य है।’’ भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा, ‘‘आज का दिन ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है। यह विधेयक गरीबों के कल्याण के लिए काम करेगा। हम सभी ने सदन की कार्यवाही देखी। इस विधेयक के तहत 1.51 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे, गरीबों को 100 के बजाय 125 दिन काम की गारंटी दी जाएगी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि जिस तरह से कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ सांसदों ने सदन में व्यवहार किया, उसे भारत के संसदीय इतिहास में एक ‘काले अध्याय’ के रूप में याद किया जाएगा।

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