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जेईई, नीट परीक्षाओं में चयन के भ्रामक दावों पर दो कोचिंग संस्थानों पर लगा जुर्माना

VVinita Kohli
जेईई, नीट परीक्षाओं में चयन के भ्रामक दावों पर दो कोचिंग संस्थानों पर लगा जुर्माना
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नई दिल्ली: उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ‘जेईई’ और ‘नीट’ परीक्षा परिणामों से जुड़े भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के मामले में मोशन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड पर 10 लाख रुपये और सीकर स्थित करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी) पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि जांच में पाया गया कि दोनों कोचिंग संस्थानों ने अपनी प्रचार सामग्री में सफल छात्रों की उपलब्धियों को प्रमुखता से दिखाया, लेकिन यह महत्वपूर्ण जानकारी छिपा ली कि इन छात्रों ने किस तरह के पाठ्यक्रम में हिस्सा लिया था। सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा के आदेश में इस गतिविधि को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना गया।

मोशन एजुकेशन ने अपने विज्ञापनों में मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ में 91.2 प्रतिशत और आईआईटी-जेईई एडवांस्ड परीक्षा में 51.02 प्रतिशत सफलता दर का दावा किया था। हालांकि जांच से पता चला कि सफल बताए गए छात्रों में से अधिकांश ‘आई-एकलव्य (ऑनलाइन)’ नामक नि:शुल्क पाठ्यक्रम से जुड़े थे लेकिन विज्ञापनों में इसका कोई उल्लेख नहीं था। कुछ मामलों में छात्रों को परीक्षा के बाद संस्थान से जोड़ा गया, फिर भी उनकी सफलता का श्रेय संस्थान को दिया गया। वहीं, सीकर के कोचिंग संस्थान सीएलसी ने अपने विज्ञापनों में ‘एमबीबीएस, आईआईटी एवं अन्य परीक्षाओं में 1650 से अधिक चयन’ का दावा किया था। संस्थान ने लिखित जवाब में इसे 1996 से अब तक का कुल चयन बताया, लेकिन सुनवाई के दौरान कहा कि यह केवल वर्ष 2024 का आंकड़ा है।

उपभोक्ता प्राधिकरण ने इस विरोधाभास को दावा अप्रमाणित मानने के लिए पर्याप्त माना। सीसीपीए ने कहा कि सफल छात्रों के बारे में यह जानकारी छिपाना कि उन्होंने पूर्णकालिक कक्षा, ऑनलाइन कोर्स, क्रैश कोर्स या केवल टेस्ट सीरीज ली थी, भ्रामक विज्ञापन की श्रेणी में आता है। दोनों संस्थानों को ऐसे विज्ञापन तत्काल वापस लेने और भविष्य में पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। दोनों ने आदेश के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) में अपील की है। प्राधिकरण ने अब तक कोचिंग संस्थानों को 60 से अधिक नोटिस जारी किए हैं और 31 संस्थानों पर कुल 1.39 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है।

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