UP Bihar Flood Update: यूपी-बिहार में बाढ़ से तबाही, घाघरा खतरे के निशान के पार, बिहार के 6 जिलों में 10 तटबंध टूटे
यूपी-बिहार में बाढ़ से तबाही, घाघरा खतरे के निशान के पार, बिहार के 6 जिलों में 10 तटबंध टूटे
UP Bihar Flood Update: उत्तर भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश की रफ्तार भले ही कुछ थमी हो, लेकिन नदियां अब भी उफान पर हैं और उनके तटीय इलाकों में तबाही का मंजर बना हुआ है। उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ के कारण हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। यूपी में घाघरा, गंगा और शारदा समेत करीब 15 नदियां लाल निशान के आसपास हिचकोले ले रही हैं, वहीं बिहार में पड़ोसी देश नेपाल से आए भारी पानी और तटबंधों के टूटने से स्थिति बेकाबू होती दिख रही है।
यूपी: गोंडा में 30 गांव बने टापू, लखनऊ और उन्नाव के निचले इलाकों में भरा पानी
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में घाघरा नदी अपने रोद्र रूप में है और खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी के जलस्तर में हुई इस बढ़ोतरी से करीब 30 गांव पूरी तरह से टापू में तब्दील हो चुके हैं और 25 हजार से अधिक लोग अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। हालात यह हैं कि गांवों की गलियों में नाव चलाने की नौबत आ गई है। गोंडा में बाढ़ के पानी में डूबने से दो मासूम बच्चों की दुखद मौत की भी खबर है।
उधर, उन्नाव में सई नदी का उफान 12 से अधिक गांवों में तबाही मचा रहा है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निचले इलाकों में 5 फीट तक पानी भर जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जबकि बाराबंकी में पानी सड़कों से होता हुआ स्कूलों और मंदिरों तक में घुस गया है।
बिहार: नेपाल के पानी और 10 तटबंध टूटने से 3.65 लाख लोग प्रभावित
पड़ोसी राज्य बिहार की स्थिति और भी विकट बनी हुई है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार छोड़े जा रहे पानी और राज्य के विभिन्न हिस्सों में 10 तटबंधों के अचानक टूट जाने से 6 जिलों में जलप्रलय जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
तटबंध टूटने से पानी तेजी से रिहाइशी इलाकों में फैला है, जिसकी वजह से 253 गांवों की करीब 3.65 लाख आबादी सीधे तौर पर बाढ़ की चपेट में आ गई है। अब तक 44 हजार से ज्यादा लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हुए हैं। राज्य में बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है।
हिमाचल में बारिश का अलर्ट, एमपी से विदा होगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज मिला-जुला बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश से अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून की विदाई होने की संभावना है।
राजस्थान के बीकानेर और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि राजस्थान में इस बार मानसून के दौरान सामान्य से 22 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है और तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने से उमस भरी गर्मी का अहसास बना हुआ है।
यह भी पढ़ें–Haryana Weather Update: हरियाणा में मानसून की विदाई, जानें 6 और 7 अक्टूबर को कहां होगी बारिश
