UP government announcement: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली में शिक्षक सम्मेलन के दौरान कानून-व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और माफिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। नौ जिलों से आए शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले पर्व और त्योहारों के दौरान बरेली में दंगे होते थे, लेकिन अब दंगाई जेल के अंदर उर्स मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दंगा करने वालों को अब उसके परिणाम भुगतने का डर है और उत्तर प्रदेश की पहचान अब उत्सव से हो रही है।
योगी ने कहा कि यूपी पुलिस की गाड़ी देखकर माफियाओं में डर पैदा होता है। उन्होंने पिछली सरकारों पर माफिया और दंगाइयों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षक कोटे से विधान परिषद प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की। इससे पहले उन्होंने प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाने और उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की।
68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2,500 से बढ़ाकर 3,500 रुपये किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में प्रदेश के ग्राम प्रहरियों यानी गांवों में चौकीदार के तौर पर काम करने वाले करीब 68 हजार लोगों के लिए मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया। अब तक उन्हें हर महीने 2,500 रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से ग्राम प्रहरियों को हर महीने 1,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। सीएम ने ग्राम प्रहरियों और उनके परिवार को 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की भी घोषणा की। इससे उन्हें और उनके परिजनों को पात्रता और लागू नियमों के अनुसार इलाज के खर्च में राहत मिल सकेगी। ग्राम प्रहरी गांवों में स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन को सूचनाएं देने में मदद करते हैं। ऐसे में मानदेय बढ़ाने और स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा उनके काम और परिवार की सुरक्षा से जुड़ी है।
योगी बोले- अब दंगा करने वालों को पता है कि इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी
शिक्षक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पर्व-त्योहारों के दौरान बरेली में दंगे होने की घटनाएं सामने आती थीं। अब स्थिति बदल गई है और दंगा करने वालों को कानून के तहत कार्रवाई का डर है। उन्होंने कहा, “अब दंगाई जेल के अंदर उर्स मनाने का काम कर रहे हैं।” योगी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में माफिया के खिलाफ कार्रवाई से अपराधियों में कानून का डर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब दंगा करने वालों को अपनी और अपने परिवार की संपत्ति गंवाने का भी डर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पहचान अब उत्सव से है और डराने वाले खुद डरे हुए हैं।
अपराध पर सख्ती का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसी की चेन छीनने या महिलाओं के साथ अपराध करने वालों को कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। अपने भाषण में उन्होंने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सख्त और आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया। योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय गरीबों और किसानों के बजाय गैंगस्टरों, दंगाइयों और फिरौती वसूलने वालों को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाया जाता था। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार माफिया विरोधी अभियान चलाती है, तो समाजवादी पार्टी को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। उन्होंने अपने भाषण में नारा भी दोहराया, “नो कर्फ्यू, नो दंगा, अब यूपी में है सब चंगा।”
शिक्षा व्यवस्था पर बोले- 2017 तक प्रदेश की पहचान का संकट था
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज, प्रदेश और देश की पहचान उसकी शिक्षा व्यवस्था से होती है। उनके मुताबिक, आजादी के बाद सरकारों के एजेंडे से शिक्षा की प्राथमिकता कम होने का असर प्रदेश की व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर भी पड़ा। उन्होंने दावा किया कि 2017 में उनकी सरकार बनने के समय बेसिक शिक्षा विभाग में करीब 1.60 लाख शिक्षकों के पद खाली थे और शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा था। योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने 1.60 लाख शिक्षकों की भर्ती की और नकलविहीन परीक्षा व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्य परीक्षा 14 दिन में पूरी होगी और अगले 14 दिन के भीतर परिणाम जारी करने की योजना है।
उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि पहले परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया में करीब छह महीने लग जाते थे। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए कहा कि स्कूलों में भवन, लाइब्रेरी, प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से गांव और शहर के विद्यार्थियों के बीच की दूरी कम हुई है। उन्होंने विश्वविद्यालयों की स्थापना और हर जिले में विश्वविद्यालय उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की बात भी कही।
CBSE शिक्षकों को भी कैशलेस इलाज देने का आश्वासन
योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक कोटे से विधान परिषद प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो की मांग का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देना सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आगे चलकर CBSE से जुड़े शिक्षकों को भी यह सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्रनिर्माता बताते हुए कहा कि किसी विद्यार्थी की सफलता में गुरु का मार्गदर्शन अहम होता है। उनके मुताबिक, शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री या प्रमाणपत्र हासिल करना नहीं, बल्कि इनोवेशन, रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने कहा कि योग्य शिक्षकों की परंपरा समाज और देश को नई दिशा देती है।
मुख्यमंत्री ने बरेली-मुरादाबाद शिक्षक विधान परिषद क्षेत्र से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के प्रतिनिधि उचित मंच पर उनकी समस्याएं उठाते हैं और उनके अधिकारों तथा सुविधाओं के लिए आवाज उठाते हैं। योगी ने ढिल्लो के नाम पर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वह “सरदार भी हैं और असरदार भी”। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, सुरेश खन्ना, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, जेपीएस राठौर और संजय गंगवार सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी ने भी अपने संबोधन में विपक्ष पर निशाना साधा। यूपी के 9.18 लाख किसानों को 493 करोड़ की राहत, योगी बोले- सीधे खातों में पहुंच रहा पैसा

