Uttarakhand news: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अलग-अलग बैठकों में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (EEPC) के चेयरमैन पंकज चड्ढा, उत्तराखंड महापरिषद, लखनऊ के प्रतिनिधि भरत सिंह बिष्ट और मध्य प्रदेश के मंडला से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने मुलाकात की। इन बैठकों में राज्य के समग्र विकास, उद्योगों के विस्तार, निवेश, रोजगार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और समाज के वंचित वर्गों के कल्याण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विकास और जनकल्याण से जुड़ी प्राथमिकताओं को भी सामने रखा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई। हालांकि, इस मुलाकात में किन विशिष्ट मुद्दों पर बातचीत हुई, इसकी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई।

डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से प्रदेश के विकास पर चर्चा
मुख्यमंत्री आवास पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। दोनों के बीच उत्तराखंड के विकास, प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राज्य की विशिष्ट पहचान को और मजबूत बनाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास, जनकल्याण और प्रदेश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता राज्य के विकास को गति देने के साथ आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

EEPC चेयरमैन पंकज चड्ढा के साथ निवेश और रोजगार पर मंथन
EEPC के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने मुख्यमंत्री आवास पर पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। बैठक में उद्योग, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने, निवेश की संभावनाएं बढ़ाने और उद्योगों के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में उद्योगों के अनुकूल माहौल तैयार करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार स्थानीय संसाधनों, प्रतिभाओं और उद्यमशीलता की संभावनाओं का बेहतर इस्तेमाल करके प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहती है। धामी ने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे जुड़ी योजनाओं और प्रयासों का असर प्रदेश में निवेश के माहौल और युवाओं के रोजगार अवसरों पर पड़ सकता है। हालांकि, इस बैठक में किसी नई परियोजना, निवेश राशि या रोजगार लक्ष्य की घोषणा नहीं की गई।

भरत सिंह बिष्ट ने मुख्यमंत्री को कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया
उत्तराखंड महापरिषद, लखनऊ के प्रतिनिधि भरत सिंह बिष्ट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को उत्तराखंड महापरिषद से संबंधित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। बैठक में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं, भाषा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर चर्चा हुई। उत्तराखंड से बाहर रहने वाले प्रवासी लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने और नई पीढ़ी तक प्रदेश की परंपराएं पहुंचाने में सामाजिक तथा सांस्कृतिक संगठनों की भूमिका पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराएं और आध्यात्मिक विरासत राज्य की विशिष्ट पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रवासी उत्तराखंडियों के अपनी मातृभूमि की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने के प्रयासों को भी अहम बताया।

सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते से सामाजिक कल्याण पर चर्चा
मध्य प्रदेश के मंडला से सांसद और लोकसभा की अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति के सभापति फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी मुख्यमंत्री धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान जनकल्याण, सामाजिक समावेशन और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदायों के उत्थान से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई। बैठक में विकास योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने और वंचित एवं जरूरतमंद लोगों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और सभी नागरिकों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। धामी ने जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के जरिए समावेशी विकास को मजबूत करने की बात कही। बैठक में अन्य समसामयिक विषयों पर भी चर्चा हुई। उत्तराखंड में 1 नवंबर तक ठीक होंगी खोदी गई सड़कें: CM धामी ने DM-SSP को दिए निर्देश, लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही

