Uttarakhand News: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े विवाद पर शनिवार को अस्पताल के बेड से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पति ने उनसे अपनी पहली शादी की बात छिपाई थी। रेखा आर्या के मुताबिक, उन्हें इस बारे में शादी और बच्चे होने के बाद जानकारी मिली। इसके बाद परिवार के स्तर पर कई बार बातचीत हुई और रिश्ते को संभालने की कोशिश की गई। करीब 22 साल बाद इस मुद्दे को उठाने के सवाल पर रेखा आर्या ने कहा कि उन्होंने अपनी शिकायत में यह नहीं कहा कि उन्हें शादी के समय पति की पहली शादी के बारे में जानकारी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाह से पहले उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार, बाद में इस बारे में पता चलने पर पारिवारिक और भावनात्मक स्तर पर चीजों को संभालने की कोशिश की गई।
रेखा आर्या ने कहा कि उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भी अपना पक्ष रखा था। उनका कहना है कि निजी जीवन की घटनाओं को सार्वजनिक करने का उद्देश्य केवल अपनी बात रखना नहीं, बल्कि उन महिलाओं को भी संदेश देना था जो घरेलू परेशानियों के बावजूद समाज और रिश्तेदारों के डर से चुप रहती हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद तीन बार की विधायक और दो बार मंत्री रह चुकी हैं तथा कई विभागों की जिम्मेदारी संभालती हैं। इसके बावजूद जब उनके सामने ऐसी स्थिति आई तो उनके मन में भी सवाल थे कि लोग क्या कहेंगे, उनके राजनीतिक भविष्य पर क्या असर पड़ेगा और मीडिया इस मामले को किस तरह पेश करेगा। उन्होंने कहा कि इन आशंकाओं के बावजूद उन्होंने शिकायत करने का फैसला लिया।
210 करोड़ की संपत्ति के आरोपों पर बोलीं- सबूत दें
गिरधारी लाल साहू की ओर से रेखा आर्या पर करीब 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति जुटाने के आरोप लगाए जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि उनकी संपत्तियों का विवरण चुनावी हलफनामों में सार्वजनिक होता रहा है। उन्होंने बताया कि 2003, 2012, 2014 और 2022 में अपनी संपत्तियों का ब्योरा दिया था। रेखा आर्या ने कहा कि अगर उन्हें 2027 में भी चुनाव लड़ने का अवसर मिला तो वह उस समय भी अपनी संपत्तियों का विवरण देंगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को उनकी संपत्ति को लेकर संदेह है तो जांच कराई जा सकती है। रेखा आर्या ने आरोप लगाया कि पति की ओर से शिकायत वापस लेने की बात के साथ भ्रष्टाचार के आरोप जोड़ना दबाव बनाने की कोशिश है। उन्होंने इसे ‘मीठी धमकी’ बताया।
मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी शिकायत पुलिस को सौंप दी है और अब पुलिस तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने साफ किया कि वह शिकायत वापस नहीं लेंगी। उनके मुताबिक, पुलिस को मामले की जांच करने और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने देना चाहिए। रेखा आर्या ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी राजनीति की शुरुआत 2003 में जिला पंचायत सदस्य बनने के साथ हुई थी। इसके बाद उन्होंने 2012 में निर्दलीय चुनाव लड़ा और आगे राजनीतिक जीवन में काम किया। संपत्ति से जुड़े आरोपों पर उनका पक्ष है कि उनके चुनावी हलफनामों में संपत्तियों का विवरण उपलब्ध है और आरोप लगाने वालों को अपने दावों के समर्थन में सबूत देने चाहिए।
UCC के उल्लंघन पर कार्रवाई के सवाल पर क्या बोलीं मंत्री
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेखा आर्या से उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रावधानों को लेकर भी सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि यदि पति की पहली शादी का मामला सामने आता है तो क्या वह इस संबंध में भी कार्रवाई की मांग करेंगी। इस पर उन्होंने कहा कि अपनी शिकायत पुलिस को दे चुकी हैं और अब शिकायत में सामने आए तथ्यों के अनुसार पुलिस कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि मामला UCC के उल्लंघन से जुड़ा हो या किसी अन्य कानूनी प्रावधान से, निर्णय तथ्यों के आधार पर होना चाहिए। हालांकि, इस मामले में किसी कानूनी उल्लंघन की पुष्टि जांच और संबंधित तथ्यों के आधार पर ही होगी। रेखा आर्या ने कहा कि उन्हें उत्तराखंड पुलिस पर भरोसा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस उनके मामले में निष्पक्ष तरीके से काम करेगी और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करेगी। दूसरी महिलाओं को न्याय के लिए आगे आने का संदेश देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह खुद चुप नहीं बैठीं और उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया है।
अंकिता भंडारी केस पर बोलीं- जांच पूरी होने दें
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेखा आर्या से अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भी सवाल पूछे गए। उनसे पूछा गया कि जब इस मामले में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय को लेकर सवाल उठते रहे हैं, तो दूसरी महिलाओं को न्याय मिलने का भरोसा कैसे हो सकता है। इस पर रेखा आर्या ने कहा कि अंकिता भंडारी के परिवार के प्रति उनकी पूरी संवेदना है और उनकी पार्टी परिवार के साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि परिवार की भावनाओं और अनुरोध के आधार पर मामले की CBI जांच का विषय आगे बढ़ा था। देहरादून में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग, कांग्रेस की बाइक रैली से घंटाघर पर जाम
मंत्री ने कहा कि जब किसी मामले में जांच चल रही हो तो उसके दौरान टिप्पणी करने के बजाय जांच की प्रक्रिया पूरी होने देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो दोषी होगा, उसे सजा मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी। रेखा आर्या ने अपने मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी शिकायत देकर कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी। फिलहाल, पति से जुड़े आरोपों, संपत्ति संबंधी दावों और शिकायत पर आगे की कार्रवाई को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। अंकिता भंडारी केस में उत्तराखंड पुलिस ने बताई जांच की पूरी प्रक्रिया, तीनों दोषियों को उम्रकैद

