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Uttarakhand News: चमोली सुरंग में दोनों श्रमिकों के शव मिले

VVinita Kohli
Uttarakhand News: चमोली की पीपलकोटी सुरंग में दोनों श्रमिकों के शव मिले, तलाश एवं बचाव अभियान पूरा

चमोली की पीपलकोटी सुरंग में दोनों श्रमिकों के शव मिले

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Uttarakhand News: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में पिछले सप्ताह सुरंग हादसे में लापता दोनों श्रमिकों के शव मंगलवार को बरामद कर लिये गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 10 हो गयी। अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों शवों को बरामद किये जाने के बाद टीएचडीसी इंडिया की करीब तीन किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सुरंग में 13 अगस्त की शाम हुए हादसे के बाद से विभिन्न एजेंसियों द्वारा युद्धस्तर पर चलाया जा रहा तलाश एवं बचाव राहत अभियान भी समाप्त हो गया। अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग से बरामद हुए शवों की पहचान झारखंड के खूंटी जिले के 31 वर्षीय लुकास टोपनो और छत्तीसगढ़ के चेतन पोयाम के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि इस हादसे में 12 अन्य मजदूरों को घायल अवस्था में सुरंग से बाहर निकाला गया था। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद से राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीमें लगातार छह दिन से राहत एवं बचाव अभियान जारी रखे हुए थीं। अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के भीतर दलदल और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच सभी टीमों ने आपसी समन्वय से अभियान को पूरा किया। उन्होंने बताया कि सुरंग में जमा मलबे, कीचड़ और पानी को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए उपलब्ध संसाधनों सहित अन्य उपकरणों की मदद से बाहर निकाला गया ताकि बचाव टीमों की आवाजाही सुगम हो सके।

इस बीच, चमोली जिले में तपोवन-ज्योतिर्मठ क्षेत्र में राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) की 520 मेगावाट तपोवन-विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना की मुख्य सुरंग में मिट्टी के धंसने से बने एक छोटे गड्ढे को भरा जा रहा है। एनटीपीसी के अधिकारियों के अनुसार, 15 अगस्त को गड्ढा बनने के बाद से पानी का रिसाव होने लगा, जिसके बाद एहतियातन सभी श्रमिकों को तत्काल बाहर निकालकर खुदाई का काम रोक दिया गया था। उन्होंने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञ गड्ढे को भरने का काम कर रहे हैं और कार्य के पूरा होने के बाद ही सुरंग निर्माण का काम दोबारा शुरू किया जाएगा।

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